बहुचर्चित विधु जैन ह'त्याकांड मामले में नया मोड़, कोर्ट ने जारी किए सख्त आदेश

Edited By Urmila,Updated: 20 Jun, 2026 03:21 PM

vidhu jain murder case

माननीय सी.बी.आई. अदालत मोहाली ने दूसरी बार पेश की गई क्लोजर रिपोर्ट को पुन: खारिज करते हुए मामले की बारीकी से दोबारा जांच करने के आदेश दिए हैं।

मालेरकोटला (अखिलेश): बहुचर्चित विधु जैन हत्याकांड में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। माननीय सी.बी.आई. अदालत मोहाली ने दूसरी बार पेश की गई क्लोजर रिपोर्ट को पुन: खारिज करते हुए मामले की बारीकी से दोबारा जांच करने के आदेश दिए हैं।

जिक्रयोग्य है कि करीब 13 साल पहले मानवता को तार-तार करके हुए कुछ अज्ञात लोगों ने 30 सितंबर 2013 को 11 वर्षीय नाबालिग विधु जैन (पुत्र नवनीत जैन व आरती जैन) पर तेल छिड़क कर उसे दिन के उजाले में कथित जिंदा जला दिया था। तब स्व. विधु जैन के परिवार को इंसाफ दिलवाने के लिए मालेरकोटला का जन मानस सड़कों पर आ गया था। इस बहुचर्चित केस के लिए शहर में कैंडल मार्च आदि रोष प्रदर्शन किए गए। उस समय विधु के परिवार से सहानुभूति प्रकट करने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री से लेकर पक्ष-विपक्ष के सभी नेता पहुंचे थे और इंसाफ दिलवाने की बड़ी-बडी़ बातें बोल कर अच्छी राजनीतिक रोटियां सेकी थीं।

लेकिन दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन व एस.आई.टी. के कथित विफल रहने व मामले को कथित ठंडे बस्ते में डालने की भनक से पारिवारिक सदस्यों ने इंसाफ के लिए जुलाई-2014 में माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट समक्ष गुहार लगाते हुए मामले की सी.बी.आई. जांच की मांग की थी। माननीय कोर्ट ने नवम्बर-2014 में मामला सी.बी.आई. को सौंपने के आदेश दिए और तब परिवार को इंसाफ की एक नई किरण दिखाई देने लगी, परंतु समय बीतता गया। इस दौरान इंसाफ का इंतजार करती विधु जैन की माता आरती जैन 30 अप्रैल 2021 को इस संसार से रुख़सत ले गई। इंसाफ के लिए विधु के पिता के कंधे से कंधा मिला कर सहारा बने विधु के ताया प्रेम जैन भी 29 जनवरी 2024 को इस भव सागर को अलविदा कह गए, परंतु परिवार आज भी इंसाफ की लड़ाई निडरता से लड़ रहा है।

परिवार की ओर से सी.बी.आई. अदालत मोहाली में केस लड़ रहे एडवोकेट बृजेश्वर सिंह जसवाल ने बताया कि सी.बी.आई. ने इंसाफ देने की बजाए अदालत में नवम्बर-2024 में पहली क्लोजर रिपोर्ट पेश की, जिस पर उन्होंने री-ओपनिंग पिटीशन दायर करते हुए माननीय अदालत को उक्त घटना के कत्ल कांड होने से संबंधित तथ्य प्रस्तुत किए कि आग में झुलस रहे नाबालिग विधु जैन की अंतिम वीडियो में कत्ल संबंधी पुष्टि, पुलिस द्वारा उसका सही समय पर इलाज न करवाना, पुलिस द्वारा कत्ल के स्थान की सीलिंग न करते हुए उसे आम लोगों के दाखिले के लिए सार्वजनिक बना देना, पुलिस प्रशासन की गलतियों के कारण बहुत सारे सबूतों का धूमिल हो जाना आदि शामिल थे, जिस पर माननीय सी.बी.आई. अदालत मोहाली ने दोबारा उक्त केस को खोलने की मंजूरी दी और जुलाई- 2025 में मामला फिर से प्रारंभ हुआ।

उन्होंने आगे बताया कि अब दूसरी बार सी.बी.आई. ने इस घटना को आत्महत्या बताते हुए फरवरी/मार्च-2026 में क्लोजर रिपोर्ट पेश की है, जिस पर जून-2026 में अपने 49 पन्नों के आदेश सुनाते हुए माननीय सी.बी.आई. अदालत मोहाली ने आदेशों में स्पष्ट कहा है कि जांच अधिकारी की यह क्लोजर रिपोर्ट ‘ठोस तथ्यों व सबूतों पर आधारित नहीं है’। अदालत ने अब 4 बिंदुओं पर पुन: गहनता से जांच करने के आदेश दिए हैं, जिसमें प्रथम उस समय झुलस रहे विधु जैन के करीब के लोगों से ताजा बयान दर्ज किए जाएं, जिनमें तत्कालीन कांस्टेबल सिराज मोहम्मद, हैड कांस्टेबल निर्भय सिंह, एस.एच.ओ. परमिन्द्र सिंह, एस.एस.पी. मनदीप सिंह सिद्धू, एंबुलेंस एटेंडेंट संदीप कौशल, मैडीकल अधिकारी डा. बिद्दी चंद आदि शामिल है। द्वितीय, अदालत ने स्व. विधु जैन की अंग्रेजी अध्यापिका असमा प्रवीण तथा पंजाबी अध्यापिका जसवीर कौर से भी ताजा बयान लेने के लिए कहा है। तृतीय, अदालत ने घटना स्थल के नजदीक जहां से तेल उपलब्ध हुआ हो, संबंधी भी जांच मांगी है और चौथा, घटना स्थल (बिल्डिंग) के पीछे के रास्तों संबंधी भी पुन: पड़ताल करने का आदेश दिया है।

वहीं, बातचीत दौरान स्व. विधु जैन के पिता नवनीत जैन, ताया विनोद जैन, चाची रंजना जैन, भाभी निशा जैन, भाई नमन जैन आदि ने सी.बी.आई. अदालत मोहाली का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें पूर्ण भरोसा है कि उन्हें इंसाफ देरी से जरूर, पर मिलेगा आवश्य।

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