Edited By Kamini,Updated: 11 Jul, 2026 06:56 PM

हानगर लुधियाना में बुजुर्गों और मासूम लोगों को 'डिजिटल अरेस्ट' का खौफनाक डर दिखाकर लाखों रुपए ऐंठने वाले अंतर-राज्यीय साइबर ठग गिरोह के खिलाफ लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस को एक बहुत बड़ी और शानदार कामयाबी हासिल हुई है।
लुधियाना (राज/अनिल): महानगर लुधियाना में बुजुर्गों और मासूम लोगों को 'डिजिटल अरेस्ट' का खौफनाक डर दिखाकर लाखों रुपए ऐंठने वाले अंतर-राज्यीय साइबर ठग गिरोह के खिलाफ लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस को एक बहुत बड़ी और शानदार कामयाबी हासिल हुई है।
लुधियाना साइबर क्राइम पुलिस की एक विशेष टीम ने पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर के जिला काठुआ में एक हाई-वोल्टेज छापेमारी के दौरान इस ठगी के मुख्य आरोपी को दबोचने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी ने अपने शातिर गैंग के साथ मिलकर शहर के एक सीनियर सिटीजन को फर्जी पुलिस केस और अरेस्ट का झांसा देकर उनके बैंक खाते से करीब 20 लाख रुपए की राशि अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली थी। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल कर लिया है।
कमिश्नर स्वप्न शर्मा और आला कप्तानों के चक्रव्यूह में फंसा शातिर ठग
पुलिस कमिश्नरेट से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, साइबर ठगों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई पुलिस कमिश्नर (CP) स्वप्न शर्मा (IPS) के कड़े दिशा-निर्देशों और डीसीपी (DCP Investigation) हरपाल सिंह (PPS) की सीधी निगरानी में अमल में लाई गई है। इस संवेदनशील मामले को सुलझाने के लिए एडीसीपी (ADCP Local) वैभव सहगल (PPS) और एसीपी साइबर क्राइम (ACP Cyber Crime) हरजेंद्र सिंह (PPS) की संयुक्त अगुवाई में थाना साइबर क्राइम की एक विशेष इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर जाल बिछाया।
SI हरिंदरपाल सिंह की कमान में काठुआ में दी गई दबिश, आरोपी 'गौतम पुन्नियां' काबू
जांच अधिकारियों ने बताया कि सब-इंस्पेक्टर (SI) हरिंदरपाल सिंह की अगुवाई में साइबर सेल की एक रेडिंग पार्टी को तुरंत जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना किया गया। पुलिस टीम ने सटीक इनपुट के आधार पर 09 जुलाई 2026 को जिला काठुआ में अचानक छापेमारी करके मुकदमा नंबर 36/2025 के मुख्य वांछित आरोपी गौतम पुन्नियां को रंगे हाथों दबोच लिया, जो पुलिस से बचने के लिए वहां छुपा हुआ था।
'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर की थी 20 लाख की ठगी
प्रारंभिक पुलिस तफ्तीश और पूछताछ के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी गौतम पुन्नियां ने कबूल किया कि उसने अपने अन्य साइबर अपराधियों और तकनीकी एक्सपर्ट साथियों के साथ मिलकर एक सोची-समझी साजिश रची थी। गैंग ने लुधियाना के एक सीनियर सिटीजन (बुजुर्ग) को निशाना बनाया। ठगों ने पीड़ित को वीडियो कॉल के जरिए खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी और बड़े पुलिस अधिकारी बताकर धमकी दी कि वे 'डिजिटल अरेस्ट' के अधीन हैं और उनके खिलाफ संगीन मामला दर्ज है। बदनामी और जेल जाने के गहरे डर से सहमे बुजुर्ग को झांसे में लेकर आरोपियों ने उनके लाइफ सेविंग्स के 20,00,000/- (बीस लाख) रुपए चालाकी से अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए थे।
3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल; डिजिटल सबूत खंगालने में जुटी साइबर विंग
गिरफ्तारी के बाद लुधियाना पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब लेकर आई। 10 जुलाई 2026 को आरोपी गौतम पुन्नियां को माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने आरोपी का 3 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर कर लिया है। साइबर क्राइम के आला अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के कब्जे से बरामद किए गए मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक खातों के डिजिटल सबूतों (Digital Evidence) की फोरेंसिक विंग द्वारा गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से सख्ती से पूछताछ जारी है ताकि इस गिरोह के 'बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज' का पता लगाया जा सके। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह में शामिल अन्य सह-आरोपियों को पकड़ने के लिए विभिन्न राज्यों में संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
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