Edited By Kalash,Updated: 06 Jul, 2026 05:53 PM

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) की कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा के नतीजों में हो रही देरी ने देशभर के हजारों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की चिंता को बहुत बढ़ा दिया है।
लुधियाना (विक्की): सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) की कक्षा 10वीं की दूसरी बोर्ड परीक्षा के नतीजों में हो रही देरी ने देशभर के हजारों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की चिंता को बहुत बढ़ा दिया है। स्कूलों में एडमिशन की प्रॉसेस, स्कॉलरशिप की अंतिम तिथियां और स्कूल ट्रांसफर जैसी जरूरी औपचारिकताएं काफी नजदीक आ चुकी हैं। ऐसे में रिजल्ट को लेकर बोर्ड की ओर से अब तक कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दिए जाने से विद्यार्थियों और उनके परिवारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई स्कूलों का भी कहना है कि सी.बी.एस.ई. 10वीं की दोबारा परीक्षा की देरी की वजह से नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियां और प्रवेश प्रक्रिया काफी प्रभावित हो रही हैं। रिजल्ट का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों, अभिभावकों और अध्यापकों का कहना है कि कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों की चिंताओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका मानना है कि सार्वजनिक चर्चा का पूरा ध्यान अब केवल कक्षा 12वीं के रिजल्ट और अलग-अलग प्रवेश परीक्षाओं पर केंद्रित हो गया है, जबकि कक्षा 10वीं के विद्यार्थी अब भी अपने परिणाम का इंतजार करने को मजबूर हैं।
बोर्ड का फोकस केवल 12वीं पर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कई विद्यार्थियों ने लिखा कि बोर्ड का पूरा फोकस अब कक्षा 12वीं पर चला गया है, जबकि कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को बीच मझधार में छोड़ दिया गया है। दूसरी बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट को लेकर अब तक कोई स्पष्टता नहीं है और पहली बोर्ड परीक्षा की री-इवेल्यूएशन प्रक्रिया भी अभी तक पैंडिंग है।
गौरतलब है कि 10वीं के फाइनल रिजल्ट में देरी होने से बच्चों का नामांकन पूरी तरह अटका हुआ है। सी.बी.एस.ई. 10वीं में दूसरी बोर्ड परीक्षा देने वाले लाखों बच्चे भारी उहापोह में हैं। रिजल्ट में देरी से वे न तो विषय का चयन कर पा रहे हैं और न ही अपनी आगे की तैयारी कर पा रहे हैं। जिन बच्चों ने दूसरी बोर्ड परीक्षा भी दी है, उसमें दोनों बोर्ड में से जिसमें भी बेहतर अंक आएंगे, वही उनका अंतिम रिजल्ट माना जाएगा। उल्लेखनीय है कि मई महीने में ही दूसरी बोर्ड की परीक्षा आयोजित हुई थी और 30 मई तक कॉपी चैकिंग की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद रिजल्ट न आने के कारण वे 11वीं कक्षा में नामांकन नहीं ले पा रहे हैं।
अभिभावक हो रहे परेशान
अभिभावकों ने कहा कि बच्चों का जिन विषयों में कम अंक आया था, उन विषयों की परीक्षा उन्होंने दूसरी बोर्ड में दी थी। वे इस उम्मीद के साथ बैठे हैं कि इसमें उनको अच्छे अंक आएंगे और इसी आधार पर आगे वे नामांकन ले सकेंगे। हाल ही में सी.बी.एस.ई. स्कूल संगठन सहोदय के सचिव सतीश कुमार झा ने कहा कि हर दिन बच्चों और अभिभावकों के कॉल आ रहे हैं कि रिजल्ट कब आएगा। जून का महीना खत्म हो चुका है और जुलाई का पहला हफ्ता भी अब बीतने को है।
बाहर के स्कूलों में एडमिशन के लिए मूल नंबर कार्ड जरूरी
इस संबंध में विभिन्न स्कूल के अध्यापकों ने कहा कि सी.बी.एस.ई. 10वीं के दूसरे बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट नहीं आने से स्कूलों में दाखिले रुके हुए हैं। विद्यार्थी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे अगली कक्षा में कौन सा विषय लें। इसके अलावा, उनकी आगे की तैयारियों और करियर की योजना में भी लगातार देरी हो रही है। बाहर के स्कूलों में 11वीं कक्षा में साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स चुनने के लिए मूल नंबर कार्ड बेहद जरूरी होता है। रिजल्ट के बिना फिलहाल एडमिशन केवल अस्थायी तौर पर ही हो रहे हैं।
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