पंजाब में अब फीसों को लेकर नहीं चलेगी मनमानी, Private Schools को मानने होंगे नए नियम

Edited By Urmila,Updated: 13 Jul, 2026 02:11 PM

arbitrary fee practices will no longer be tolerated in punjab

पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की फीस में मनमानी बढ़ोतरी रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद नया अध्यादेश लागू हो गया है।

पंजाब डेस्क : पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की फीस में मनमानी बढ़ोतरी रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद नया अध्यादेश लागू हो गया है। अब राज्य के गैर-सहायता प्राप्त (Unaided) निजी स्कूल बिना अनुमति के एक शैक्षणिक सत्र में 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे।

सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से अभिभावकों की ओर से निजी स्कूलों द्वारा लगातार फीस बढ़ाने की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए नए नियम लागू किए गए हैं, ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

5% से अधिक फीस बढ़ाने के लिए लेनी होगी मंजूरी

यदि कोई निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाना चाहता है, तो उसे पहले सरकार द्वारा गठित कमेटी के समक्ष आवेदन देना होगा। स्कूल को फीस बढ़ाने का कारण, नई सुविधाओं या विकास कार्यों का पूरा विवरण देना होगा। कमेटी वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर ही फैसला करेगी कि फीस बढ़ाने की अनुमति दी जाए या नहीं।

सभी अनिवार्य शुल्क भी होंगे शामिल

नया नियम केवल ट्यूशन फीस तक सीमित नहीं रहेगा। बिल्डिंग फंड, डेवलपमेंट फंड, वार्षिक शुल्क और अन्य अनिवार्य फीस भी कुल 5 प्रतिशत की सीमा में शामिल होंगी।

अभिभावकों को पहले देनी होगी जानकारी

यदि किसी स्कूल को निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ाने की मंजूरी मिलती है, तो उसे पहले अभिभावकों को इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा, ताकि वे समय रहते अपनी आर्थिक योजना बना सकें।

पुराने मामलों की भी होगी जांच

सरकार ने कहा है कि पिछले 36 महीनों में तय सीमा से अधिक फीस वसूलने वाले स्कूलों के मामलों की भी समीक्षा की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर अतिरिक्त वसूली गई राशि अभिभावकों को वापस करवाई जा सकती है। अध्यादेश के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नियम तोड़ने पर लगेगा भारी जुर्माना

प्राइमरी स्कूल: पहली बार उल्लंघन पर 50 हजार रुपये, दूसरी बार 1 लाख रुपये जुर्माना।
मिडिल स्कूल: पहली बार 1 लाख रुपये, दूसरी बार 3 लाख रुपये जुर्माना।
सीनियर सेकेंडरी (12वीं तक) स्कूल: पहली बार 2 लाख रुपये, दूसरी बार 5 लाख रुपये जुर्माना।
बार-बार नियम तोड़ने पर संबंधित स्कूल की मान्यता या रजिस्ट्रेशन भी रद्द किया जा सकता है।

सभी निजी स्कूल होंगे दायरे में

यह नियम पंजाब के सभी गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों पर लागू होगा, चाहे वे PSEB, CBSE, ICSE या किसी अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड से संबद्ध हों। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और अभिभावकों के हितों की रक्षा करना है।

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