Edited By Subhash Kapoor,Updated: 13 Jul, 2026 07:16 PM

पंजाब कांग्रेस में चल रही अंतर्कलह के बीच अब नवजोत सिंह सिद्धू की एंट्री को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। पार्टी के भीतर जारी खींचतान और गुटबाजी के बीच अब सिद्धू गुट भी खुलकर सामने आता दिखाई दे रहा है। सिद्धू के समर्थकों और उनके करीबी नेताओं...
जालंधर : पंजाब कांग्रेस में चल रही अंतर्कलह के बीच अब नवजोत सिंह सिद्धू की एंट्री को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। पार्टी के भीतर जारी खींचतान और गुटबाजी के बीच अब सिद्धू गुट भी खुलकर सामने आता दिखाई दे रहा है। सिद्धू के समर्थकों और उनके करीबी नेताओं की ओर से किए जा रहे दावों ने पंजाब की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
सिद्धू गुट के समर्थकों का कहना है कि नवजोत सिंह सिद्धू जल्द सत्ता में वापसी कर सकते हैं। उनकी सत्ता में वापसी की संभावनाएं काफी तेज लग रही हैं। समर्थकों का दावा है कि आने वाले समय में सिद्धू एक बार फिर पंजाब की राजनीति के केंद्र में दिखाई देंगे।
गौरतलब है कि पंजाब कांग्रेस इन दिनों अंदरूनी मतभेदों और गुटबाजी का सामना कर रही है। ऐसे माहौल में सिद्धू समर्थकों के दावे ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब की राजनीति के तेज-तर्रार नेताओं में गिना जाता है। अपनी बेबाक शैली, आक्रामक राजनीतिक रुख और दमदार भाषणों के कारण वह हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। चाहे चुनावी मंच हो या राजनीतिक सभा, सिद्धू अपने अलग अंदाज और शब्दों के चयन के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित करने में सफल रहते हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि नवजोत सिंह सिद्धू सक्रिय भूमिका में वापसी करते हैं तो इसका असर सिर्फ कांग्रेस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंजाब की पूरी राजनीतिक तस्वीर पर पड़ सकता है। उनकी वापसी से विपक्षी दलों की रणनीतियों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
हालांकि, सिद्धू की भूमिका और भविष्य की राजनीतिक योजनाओं को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उनके समर्थकों के दावे और लगातार बढ़ती राजनीतिक चर्चाओं ने यह संकेत जरूर दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
फिलहाल, सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू आने वाले समय में कौन सा राजनीतिक कदम उठाते हैं और कांग्रेस पार्टी में उनकी भूमिका किस रूप में सामने आती है। इतना तय है कि सिद्धू की संभावित वापसी की चर्चाओं ने पंजाब के राजनीतिक माहौल को एक बार फिर गर्मा दिया है।