बिजली संकट पर किसानों का अल्टीमेटम, 6 जुलाई को लेकर कर दिया बड़ा ऐलान

Edited By Kamini,Updated: 01 Jul, 2026 06:17 PM

farmers issue ultimatum over power crisis

पंजाब में खेती-बाड़ी में आ रहे बिजली संकट के विरोध में भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष ने आज अमृतसर में पावरकॉम के SE को मेमोरेंडम सौंपा है।

अमृतसर (रमन): पंजाब में खेती-बाड़ी में आ रहे बिजली संकट के विरोध में भारतीय किसान यूनियन एकता संघर्ष ने आज अमृतसर में पावरकॉम के SE को मेमोरेंडम सौंपा है। मीडिया से बात करते हुए संगठन के लीडर पलविंदर सिंह माहल ने कहा कि सिर्फ अमृतसर ही नहीं, बल्कि पूरे पंजाब में किसान संगठन बिजली अधिकारियों को मेमोरेंडम दे रहे हैं, क्योंकि पिछले कई दिनों से खेती-बाड़ी के मोटरों और घरेलू कंज्यूमर्स को लंबे पावर कट का सामना करना पड़ रहा है।

पलविंदर सिंह माहल ने कहा कि धान का सीजन पीक पर है, लेकिन बिजली न होने की वजह से फसलों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से हजारों एकड़ में खड़ी धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल बेटों की तरह उगाता है और कर्ज लेकर खेती करता है। अगर समय पर पानी नहीं मिला तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

किसानों ने कहा कि संगठन ने सरकार और बिजली विभाग को 5 तारीख तक का अल्टीमेटम दिया है। अगर इस दौरान बिजली सप्लाई रेगुलर नहीं की गई तो 6 तारीख को पूरे पंजाब में SE ऑफिस के सामने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और घेराव किए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और बिजली विभाग की होगी।

किसान नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के उन बयानों पर भी सवाल उठाए, जिनमें पंजाब में खेती के लिए 12 से 24 घंटे बिजली सप्लाई देने के दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है और कई इलाकों में तो लगातार 2 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं, जबकि असल में किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हर साल धान के सीजन से पहले सरकार को बिजली सप्लाई का पूरा इंतज़ाम करना चाहिए, लेकिन इस बार भी ज़रूरी तैयारी नहीं की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही बिजली सप्लाई रेगुलर नहीं की गई तो हज़ारों एकड़ फसल बर्बाद हो सकती है और पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।

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