पंजाब में बिजली संकट के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान, 31 जगहों पर प्रदर्शन

Edited By Vatika,Updated: 30 Jun, 2026 02:01 PM

farmer protest

पंजाब में गहराते बिजली संकट के विरोध में किसान मजदूर मोर्चा ने मंगलवार को राज्यभर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए। संगठन

अमृतसर (रमन): पंजाब में गहराते बिजली संकट के विरोध में किसान मजदूर मोर्चा ने मंगलवार को राज्यभर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए। संगठन के नेतृत्व में 17 जिलों की 31 जगहों पर पावरकॉम के एक्सईएन, एसडीओ और अन्य अधिकारियों के दफ्तरों के बाहर धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार ने चुनाव के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति के बड़े वादे किए थे, लेकिन मौजूदा समय में पूरे पंजाब में बिजली संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा कि दिन-रात लग रहे लंबे बिजली कटों के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और धान (झोना) की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। उन्होंने मांग की कि किसानों को कृषि मोटरों के लिए कम से कम 16 घंटे लगातार बिजली उपलब्ध करवाई जाए, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि पावरकॉम की खराब कार्यप्रणाली और प्रबंधन के कारण यह संकट पैदा हुआ है, जिस पर सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान किसान मजदूर मोर्चा ने स्मार्ट मीटरों का भी कड़ा विरोध किया। संगठन के नेताओं का कहना है कि गांवों और शहरों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की कि स्मार्ट मीटर लगाने की योजना वापस लेकर पुराने मीटरों को ही जारी रखा जाए। किसान नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार बिजली बोर्ड के निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसका किसान और कर्मचारी वर्ग विरोध करता है। उनका कहना है कि पावरकॉम में बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनकी जगह नई भर्तियां नहीं की जा रहीं। उन्होंने सरकार से पावरकॉम में जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और बिजली संकट का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।

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