आखिर क्यों अटका है मुक्तसर रेलवे स्टेशन का नाम बदलने का मामला? RTI में हुआ खुलासा

Edited By Sunita sarangal,Updated: 22 Jun, 2026 06:41 PM

rti reveals details regarding renaming of muktsar sahib station

एडवोकेट अनुराग शर्मा द्वारा लगाई गई एक आर.टी.आई. के जवाब में नॉर्दर्न रेलवे ने स्पष्ट किया है कि मुक्तसर रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के लिए पंजाब सरकार की ओर से अब तक कोई भी आधिकारिक नोटिफिकेशन या प्रस्ताव जारी नहीं किया गया है।

श्री मुक्तसर साहिब(तनेजा, खुराना): मुक्तसर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर श्री मुक्तसर साहिब रखने की लंबे समय से चली आ रही मांग के लटकने के पीछे अब सियासी राजनीति या सरकारी लापरवाही का बड़ा खुलासा हुआ है। सूचना का अधिकार (आर.टी.आई.) के तहत मांगी गई जानकारी ने यह साबित कर दिया है कि इस ऐतिहासिक शहर के नामकरण को लेकर पंजाब सरकार कितनी गंभीर है।

एडवोकेट अनुराग शर्मा द्वारा लगाई गई एक आर.टी.आई. के जवाब में नॉर्दर्न रेलवे ने स्पष्ट किया है कि मुक्तसर रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के लिए पंजाब सरकार की ओर से अब तक कोई भी आधिकारिक नोटिफिकेशन या प्रस्ताव जारी नहीं किया गया है।

क्या है नाम बदलने का असली कानूनी नियम?

रेलवे विभाग द्वारा दिए गए जवाब के मुताबिक किसी भी रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की प्रक्रिया निम्नलिखित है:

केंद्रीय गृह मंत्रालय का अधिकार: रेलवे स्टेशन का नाम बदलने का अंतिम अधिकार केवल केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास होता है।

राज्य सरकार की जिम्मेदारी: इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए सबसे पहले संबंधित राज्य सरकार (पंजाब सरकार) द्वारा एक आधिकारिक प्रस्ताव और नोटिफिकेशन केंद्र को भेजना अनिवार्य होता है।

नॉर्दर्न रेलवे का जवाब: पंजाब सरकार की ओर से इस मामले में अभी तक कोई भी प्रस्ताव या कदम नहीं उठाया गया है, जिसके कारण यह फाइल आगे नहीं बढ़ सकी।

क्षेत्र के लोगों और धार्मिक संगठनों में भारी रोष

इस खुलासे के बाद श्री मुक्तसर साहिब के लोगों और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों में सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

लोगों का कहना है कि यह शहर 40 मुक्तों की पवित्र धरती है और इसके धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए रेलवे स्टेशन का नाम तुरंत श्री मुक्तसर साहिब किया जाना चाहिए था, लेकिन सरकारें सिर्फ वोटों की राजनीति करती हैं और जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं होता।

सामाजिक संगठनों ने की तुरंत कार्रवाई की मांग

विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने पंजाब के मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कैबिनेट में प्रस्ताव पास किया जाए। बिना किसी देरी के आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करके केंद्र सरकार (गृह मंत्रालय) को भेजा जाए।

अब देखना यह होगा कि इस आर.टी.आई. के खुलासे के बाद पंजाब सरकार लोगों की इस लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के लिए कोई कदम उठाती है या यह मामला ऐसे ही फाइलों में दबा रहेगा।

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