Edited By Kalash,Updated: 24 Mar, 2026 04:34 PM

पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा हर FIR डाउनलोड करने के लिए 80 रुपये की फीस लागू करने के फैसले ने सियासी हलकों में नया विवाद छेड़ दिया है।
पंजाब डेस्क : पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा हर FIR डाउनलोड करने के लिए 80 रुपये की फीस लागू करने के फैसले ने सियासी हलकों में नया विवाद छेड़ दिया है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार के इस कदम की निंदा की है। उन्होंने इसे प्रेस की आजादी को सीमित करने और लोगों की आवाज को दबाने की एक कोशिश करार दिया।
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पत्रकार, वकील और रिसर्चर अपनी रिपोर्टिंग और एनालिसिस के लिए नियमित तौर पर FIR तक पहुंच पर निर्भर रहते हैं। उन्होंने कहा कि पब्लिक डॉक्यूमेंट्स पर कीमत लगाने से न सिर्फ ट्रांसपेरेंसी कमजोर होती है, बल्कि यह गहरी जांच को भी हतोत्साहित करने का एक तरीका है। उन्होंने आशंका जताई कि सरकार अपने कामकाज को बड़े पैमाने पर स्टडी से बचाने के लिए क्रिटिकल जांच के रास्ते में वित्तिय रुकावटें खड़ी कर रही है।
उन्होंने मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मनीष सिसोदिया के सुझावों को लागू किया जा रहा है और सरकार 'साम, दाम, दंड, भेद' की पॉलिसी अपना रही है। बाजवा के अनुसार यह कदम लोकतंत्र में जवाबदेही खत्म करने की साजिश है।
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