चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी का गढ़ हिला, 28 दिन में दूसरा झटका

Edited By Urmila,Updated: 23 Mar, 2026 02:58 PM

aap fortress is collapsing in chandigarh

आम आदमी पार्टी को चंडीगढ़ में उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा जब वार्ड-17 से पार्षद दमनप्रीत सिंह बादल रविवार को अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए।

चंडीगढ़ (मनप्रीत): आम आदमी पार्टी को चंडीगढ़ में उस समय बड़ा राजनीतिक झटका लगा जब वार्ड-17 से पार्षद दमनप्रीत सिंह बादल रविवार को अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए। इससे 28 दिन पहले पार्षद प्रेम लता भी कांग्रेस में वापस आ गई थीं। 2021 नगर निगम चुनाव में AAP के टिकट पर जीतीं दमनप्रीत ने इस कदम को घर वापसी बताया है और AAP के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस भवन में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि AAP का कोई बाप-दादा नहीं है और पार्टी में बाहरी राज्यों के नेताओं का दबदबा है, जबकि लोकल प्रेसिडेंट की कोई नहीं सुनता। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने पांच साल तक मेयर चुनाव में पार्टी का पूरा साथ दिया और उन पर क्रॉस वोटिंग या धोखाधड़ी के आरोप बेबुनियाद हैं।

आने वाले दिनों में AAP पार्षदों की संख्या घटकर 8 रह जाएगी। अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए दमनप्रीत ने दिवंगत नेता प्रदीप छाबड़ा को याद किया और कहा कि छाबड़ा ही उन्हें AAP में लेकर आए थे। उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में निगम में AAP पार्षदों की संख्या घटकर 8 रह जाएगी। वहीं, कांग्रेस से नाराज होकर BJP में शामिल होने वालों के सवाल पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एचएस लकी ने कहा कि जब पार्टी को सबसे ज्यादा जरूरत थी और राहुल गांधी पूरे देश में संविधान की लड़ाई लड़ रहे थे, तब पीठ में छुरा घोंपा गया। ऐसे लोगों की पार्टी को जरूरत नहीं है, चाहे वे कोई भी हों। पूर्व सांसद पवन बंसल के कांग्रेस भवन आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैंने कब कहा कि वह कांग्रेस में नहीं हैं? वह कौन हैं, जिसके लिए हमने बाहर बैरिकेड लगा रखा है? लकी ने साफ किया कि बंसल पार्टी का हिस्सा हैं और उनके लिए कोई रास्ता बंद नहीं किया गया है। इस बीच, वकीलों के बीच सक्रिय उज्ज्वल भसीन भी AAP छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं, उन्होंने कांग्रेस की मजबूत पकड़ का हवाला दिया है।

 दमनप्रीत के कांग्रेस में आने से कॉर्पोरेशन का इक्वेशन हिला

दमनप्रीत के कांग्रेस में आने से दिसंबर में होने वाले कॉर्पोरेशन चुनाव के लिए वार्ड नंबर 17 से टिकट बंटवारे को लेकर नई मुश्किल खड़ी हो गई है, क्योंकि इस सीट पर एक परिवार के बीच पहले से ही कानूनी झगड़ा चल रहा है। इस राजनीतिक फेरबदल से 35 सदस्यों वाले नगर निगम हाउस में संख्या का इक्वेशन भी बदल गया है।

AAP 14 से 10 पर आई, कांग्रेस पार्षदों की संख्या फिर 8 पर पहुंची

2021 के चुनाव में सबसे ज्यादा 14 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी की संख्या अब घटकर 10 रह गई है। पिछले कुछ समय में AAP के कई पार्षद BJP और कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। दूसरी ओर, पिछले चुनाव में 8 सीटें जीतने वाली कांग्रेस, जिसके कुछ पार्षद चले गए थे, हाल ही में शामिल होने के बाद अब अपने पिछले 8 पार्षदों के आंकड़े को वापस पा चुकी है। अगर दलबदल का यह सिलसिला नहीं रुका तो आने वाले चुनाव तक राजनीतिक उथल-पुथल और तेज होने की संभावना है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!