Edited By Urmila,Updated: 11 Mar, 2026 03:56 PM

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने कहा कि तरनतारन जिले में 18 किलो हेरोइन के साथ आम आदमी पार्टी से जुड़े एक सरपंच की गिरफ्तारी ने पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई के नाम पर भगवंत मान सरकार द्वारा किए जा रहे छल को उजागर कर दिया है।
चंडीगढ़ : भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने कहा कि तरनतारन जिले में 18 किलो हेरोइन के साथ आम आदमी पार्टी से जुड़े एक सरपंच की गिरफ्तारी ने पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई के नाम पर भगवंत मान सरकार द्वारा किए जा रहे छल को उजागर कर दिया है। चुघ ने कहा कि यह घटना बताती है कि राज्य सरकार नशे के मुद्दे पर केवल दिखावा कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है।
इस घटना को बेहद चिंताजनक और शर्मनाक बताते हुए चुघ ने कहा कि चूंकि यह गिरफ्तारी केंद्रीय एजेंसी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा की गई है, इसलिए इससे पंजाब पुलिस के तथाकथित “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान की सच्चाई भी सामने आ गई है। चुघ ने कहा कि राज्य सरकार इस अभियान के नाम पर नशे के खिलाफ कार्रवाई के भ्रामक और भटकाने वाले दावे करती रही है।
चुघ ने हाल ही में जालंधर में एक पुलिस कर्मी के बेटे की नशे के कारण हुई मौत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना भी राज्य में नशे की गंभीर समस्या और उससे निपटने में पुलिस तंत्र की कमजोरियों को उजागर करती है।
चुघ ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान अरविंद केजरीवाल ने पंजाब की जनता से वादा किया था कि सरकार बनने के 15 दिनों के भीतर राज्य से नशे के कारोबार को खत्म कर दिया जाएगा। लेकिन चार साल बाद हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि गांवों के चुने हुए प्रतिनिधि तक नशा तस्करी के मामलों में पकड़े जा रहे हैं, जिससे आम आदमी पार्टी के खोखले वादों की सच्चाई सामने आ गई है।
चुघ ने आगे कहा कि पिछले बजट में पंजाब सरकार ने तथाकथित “ड्रग सेंसस” के लिए लगभग Rs. 150 करोड़ का प्रावधान किया था ताकि राज्य में नशे की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके और उसके आधार पर नीति बनाई जा सके। लेकिन आज तक सरकार यह बताने में विफल रही है कि उस ड्रग सेंसस का क्या हुआ, उसका डेटा कहां है और उस पर आवंटित धनराशि का उपयोग किस प्रकार किया गया।
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