Vigilance Action : रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया ड्रग इंस्पेक्टर

Edited By Subhash Kapoor,Updated: 07 Mar, 2026 05:08 PM

vigilance action drug inspector caught red handed taking bribe

बठिंडा के इंडस्ट्री ग्रोथ सेंटर स्थित दवा फैक्ट्री को दोबारा सील करने की धमकी देकर रिश्वत मांगने वाले मुक्तसर के ड्रग इंस्पेक्टर को विजिलेंस विभाग ने एक लाख रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर पिछले कुछ समय से फैक्ट्री...

बठिंडा (विजय वर्मा): बठिंडा के इंडस्ट्री ग्रोथ सेंटर स्थित दवा फैक्ट्री को दोबारा सील करने की धमकी देकर रिश्वत मांगने वाले मुक्तसर के ड्रग इंस्पेक्टर को विजिलेंस विभाग ने एक लाख रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर पिछले कुछ समय से फैक्ट्री मालिक को मानसिक रूप से परेशान कर रहा था और कार्रवाई की धमकी देकर पैसे मांग रहा था।

जानकारी के अनुसार मानसा रोड स्थित रेडिनेक्स लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक रोमी बांसल ने विजिलेंस विभाग को लिखित शिकायत दी थी कि मुक्तसर में तैनात ड्रग इंस्पेक्टर रमनदीप गुप्ता उनकी फैक्ट्री को फिर से सील करवाने की धमकी देकर दो लाख रुपये की मांग कर रहा है। उसने एक लाख रुपये एडवांस देने के लिए कहा था।

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने डीएसपी संदीप सिंह की अगुवाई में टीम गठित कर ट्रैप लगाया। शनिवार को सरकारी अवकाश होने के बावजूद ड्रग इंस्पेक्टर ने फैक्ट्री मालिक को फोन कर कहा कि वह मुक्तसर से बठिंडा आ रहा है और माल रोड पर एक खानपान की दुकान के पास पैसे दे दे।

फैक्ट्री मालिक ने पहले ही विजिलेंस को सूचना दे दी थी। तय योजना के तहत रोमी बांसल ने आरोपी को एक लाख रुपये दिए। इसके बाद विजिलेंस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए माल रोड के पास कार को रोककर रंग लगे नोट बरामद कर लिए और ड्रग इंस्पेक्टर रमनदीप गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी बोला – साजिश के तहत फंसाया गया
गिरफ्तारी के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि उसे विजिलेंस के साथ मिलकर झूठा फंसाया गया है। उसका कहना है कि वह माल रोड पर खाना खाने के लिए रुका था और उसकी कार का शीशा खुला हुआ था। इसी दौरान साजिश के तहत उसकी कार में पैसे रख दिए गए।

फैक्ट्री पहले भी हो चुकी है सील
फैक्ट्री मालिक रोमी बांसल ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर काफी समय से उसे परेशान कर रहा था। पैसे न देने पर 17 जनवरी 2026 को उसकी फैक्ट्री को गैरकानूनी तरीके से सील कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उनकी फैक्ट्री में करीब 200 लोगों को रोजगार मिला हुआ है और सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी उन्हें बार-बार परेशान किया जा रहा था।

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