Amritsar: जिले में शिक्षा प्रणाली डगमगाई ,विद्यार्थियों की पढ़ाई पर बड़ा संकट

Edited By Kamini,Updated: 22 Apr, 2026 03:14 PM

many schools in amritsar are on the verge of closure

शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के सरकारी दावों के बावजूद जिला अमृतसर में हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं।

अमृतसर (दलजीत): शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के सरकारी दावों के बावजूद जिला अमृतसर में हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं। करीब 2500 से अधिक एलिमैंट्री और सैकेंडरी स्कूलों के अध्यापकों को विभिन्न सरकारी सर्वे कार्यों में तैनात किए जाने के कारण स्कूलों की पढ़ाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई स्कूल अध्यापकों की कमी के चलते बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। जानकारी के अनुसार स.ह.स दियाल भड़ंग, स.ह.स मोहन भंडारियां, स.मि.स. दियालपुरा, स.मि.स. हरड़ कलां, स.स.स. सुधार और स.ह.स. चक्क सिकंदर सहित कई स्कूलों के अध्यापकों की ड्यूटी अलग-अलग सर्वे कार्यों में लगाई गई है। इसके कारण कक्षाएं खाली हो रही हैं और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ने का खतरा बढ़ गया है।

500 अध्यापक वोटर संशोधन (बी.एल.ओ.) ड्यूटी में

लगभग 900 अध्यापक ड्रग और सोशल-इकोनॉमिक सर्वे में करीब 600 अध्यापक जनगणना कार्यों में तैनात हैं। इसके अलावा सैकेंडरी विभाग के भी सैकड़ों अध्यापक अन्य गैर-अकादमिक ड्यूटियों में लगे हुए हैं। ये हालात स्पष्ट करते हैं कि शिक्षा विभाग का बड़ा हिस्सा अकादमिक कार्यों से हटकर अन्य कार्यों में लग गया है।

पढ़ाई पर सीधा असर, अभिभावक भी चिंतित

प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों के लिए बुनियादी शिक्षा सबसे जरूरी होती है, लेकिन अध्यापकों की अनुपस्थिति के कारण यह प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। अभिभावकों ने भी चिंता जताते हुए कहा कि यदि स्कूलों में अध्यापक ही नहीं होंगे तो बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा। उन्होंने मांग की कि सर्वे कार्यों के लिए अन्य विभागों से स्टाफ लिया जाए।

गैर-अकादमिक कार्यों से शिक्षा प्रणाली कमजोर

डैमोक्रेटिक टीचर फ्रंट के प्रधान अश्वनी अवस्थी ने आरोप लगाया कि सरकार अध्यापकों को गैर-अकादमिक कार्यों में उलझाकर शिक्षा प्रणाली को कमजोर कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ड्यूटियां तुरंत वापस नहीं ली गईं तो तीव्र संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कई मामलों में एक ही परिवार के पति-पत्नी दोनों अध्यापकों की ड्यूटी लगा दी गई है।

अजनाला में स्कूल बंद रहने की संभावना

गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन के नेता गुरदीप सिंह बाजवा ने कहा कि अध्यापकों का मुख्य कार्य पढ़ाना है, लेकिन उन्हें बी.एल.ओ., जनगणना और अन्य सर्वे कार्यों में लगाना अनुचित है। उनके अनुसार तहसील अजनाला में होने वाली बैठक के चलते कई स्कूल बंद रहेंगे क्योंकि स्टाफ पूरी तरह ड्यूटियों में व्यस्त है।

पहले ही स्टाफ की कमी से जूझ रहे स्कूल

गवर्नमैंट स्कूल टीचर यूनियन के नेता राकेश कुमार ने कहा कि स्कूल पहले से ही अध्यापकों की कमी से जूझ रहे हैं। अब बड़ी संख्या में अध्यापकों को सर्वे कार्यों में भेजने से स्थिति और भी खराब हो गई है। कई स्कूलों में केवल एक या दो अध्यापक ही बचे हैं। उन्होंने मांग की कि सर्वे कार्यों के लिए अलग स्टाफ की भर्ती की जाए।

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