Edited By Subhash Kapoor,Updated: 18 Apr, 2026 11:54 PM

पंजाब के राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ देते हुए आज दो प्रमुख पंथक गुट ‘अकाली दल वारिस पंजाब’ और ‘शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत)’ ने आपसी मतभेदों को दरकिनार करते हुए ‘पंथक एकता तालमेल कमेटी’ के रूप में रणनीतिक गठबंधन का ऐलान कर दिया है।
लुधियाना (गगनदीप) : पंजाब के राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ देते हुए आज दो प्रमुख पंथक गुट ‘अकाली दल वारिस पंजाब’ और ‘शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत)’ ने आपसी मतभेदों को दरकिनार करते हुए रणनीतिक गठबंधन का ऐलान कर दिया है। इस नई बनी कमेटी की कमान सर्वसम्मति से दाखा से विधायक मनप्रीत सिंह इयाली को सौंपी गई है। इस फैसले ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है।
लंबे समय से बिखरी हुई पंथक वोट को एक मंच पर लाने की यह बड़ी कोशिश मानी जा रही है। अगर यह तालमेल कमेटी पंथक वोटों का ध्रुवीकरण करने में सफल रहती है, तो यह सत्ताधारी आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और पारंपरिक शिरोमणि अकाली दल (बादल) के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
प्रमुख राजनीतिक विश्लेषक भूपिंदर सिंह सेखों का कहना है कि इस एकता ने मौजूदा राजनीतिक माहौल को हिला कर रख दिया है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह गठबंधन पंजाब में ‘तीसरे मजबूत विकल्प’ के रूप में उभरकर पारंपरिक पार्टियों को चुनौती दे पाएगा? इसका जवाब आने वाला समय ही देगा।