Edited By Subhash Kapoor,Updated: 01 Jun, 2026 08:48 PM

केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू को एक आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान बिना पूर्व अनुमति अदालत में उपस्थित न होने का संज्ञान लेते हुए चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) पवलीन सिंह की अदालत ने नोटिस जारी किया है।
लुधियाना, (मेहरा): केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू को एक आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान बिना पूर्व अनुमति अदालत में उपस्थित न होने का संज्ञान लेते हुए चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) पवलीन सिंह की अदालत ने नोटिस जारी किया है। अदालत ने उन्हें 8 जून, 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं। इसी मामले में पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा की गैरहाजिरी पर भी अदालत ने नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई पर उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।
मामला नगर निगम के एक कार्यालय के मुख्य गेट को ताला लगाकर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने तथा लोक सेवकों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने के आरोपों से जुड़ा हुआ है। इस मामले में रवनीत सिंह बिट्टू, पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु, जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) के तत्कालीन प्रधान संजय तलवाड़, शाम सुंदर मल्होत्रा सहित कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।
मामले के अनुसार, मार्च 2024 में थाना डिवीजन नंबर-1 पुलिस ने नगर निगम के जोन-ए कार्यालय में तैनात गेटमैन अमित कुमार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने रवनीत सिंह बिट्टू, भारत भूषण आशु, संजय तलवाड़, शाम सुंदर मल्होत्रा तथा करीब 60 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें धक्का देकर नगर निगम परिसर में प्रवेश किया और बाद में मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। आरोप है कि इस कार्रवाई के कारण निगम अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों को कार्यालय में आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा और सरकारी कार्य प्रभावित हुआ। मामले की अगली सुनवाई 8 जून, 2026 को निर्धारित की गई है, जिस दिन अदालत ने संबंधित आरोपियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।