छुट्टी वाले दिन भी स्कूल खोलने का फरमान, शिक्षा विभाग के आदेश पर भड़के अध्यापक

Edited By Kalash,Updated: 11 Jul, 2026 11:15 AM

education department order for teachers

पंजाब सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग के तालमेल की कमी पर राज्य के अध्यापकों ने भारी रोष व्यक्त किया है।

लुधियाना (विक्की): पंजाब सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग के तालमेल की कमी पर राज्य के अध्यापकों ने भारी रोष व्यक्त किया है। अध्यापकों ने बताया कि मुख्य चुनाव अफसर पंजाब की हिदायतों के अनुसार आगामी 11 और 12 जुलाई को एस.आई.आर.-2026 के तहत इन्यूमिरेशन फॉर्म्स की कलैक्शन और डिजिटाइजेशन के लिए सभी पोलिंग स्टेशनों पर स्पैशल कैंप लगाए जा रहे हैं। इलैक्शन कमीशन पंजाब द्वारा इन 2 दिनों में केवल बी.एल.ओज. (बूथ लैवल ऑफिसर्स) को ही सुबह 8 से बाद दोपहर 3 बजे तक बूथों पर मौजूद रहने के लिए कहा गया है। मुख्य चुनाव अफसर पंजाब द्वारा सिर्फ उन स्कूलों के स्टाफ को ड्यूटी पर लगाने के लिए कहा गया था जहां पोलिंग बूथ बने हुए हैं, ताकि वे बी.एल.ओ. स्टाफ की मदद कर सकें।

अध्यापकों ने हैरानी जताते हुए कहा कि हमारे स्कूल शिक्षा विभाग पंजाब द्वारा इलैक्शन कमीशन के आदेशों की आड़ में एक नया फरमान जारी कर दिया गया है। विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, राज्य के समूह सरकारी और एडेड स्कूलों को 11 और 12 जुलाई को आम दिनों की तरह ही खोलने के आदेश दे दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि स्कूलों का समूह स्टाफ अपनी ड्यूटी पर हाजिर रहेगा और एस.आई.आर. स्टाफ को पूरा सहयोग करेगा। अध्यापक वर्ग ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा है कि राज्य में कई ऐसे स्कूल हैं जहां न तो कोई इलैक्शन बूथ तो बनता है और न ही उस स्कूल का कोई अध्यापक बी.एल.ओ. है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जिस स्कूल में इलेक्शन का कोई काम ही नहीं होना, वहां छुट्टी वाले 2 दिन सुबह से शाम तक बैठकर अध्यापक आखिर करेंगे क्या?

दफ्तर चुनाव रजिस्ट्रेशन अफसर, 064-लुधियाना पश्चिमी-कम-अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) द्वारा जिला शिक्षा अफसर (सैकेंडरी) और जिला शिक्षा अफसर (एलिमैंट्री) को जारी पत्र के अनुसार भी साफ लिखा गया है कि केवल उन समूह स्कूलों को खुला रखा जाए जिनमें पोलिंग बूथ लगते हैं। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि बी.एल.ओज. को पूरा सहयोग किया जाए और उन्हें पोलिंग बूथ पर बैठने के लिए कमरा और फर्नीचर मुहैया करवाया जाए। जब इस आधिकारिक पत्र में केवल बूथ वाले स्कूलों को खोलने की बात कही गई है, तो शिक्षा विभाग द्वारा पूरे पंजाब के सभी अध्यापकों को छुट्टी वाले दिन जबरन बुलाने का क्या तुक है? यह तो पंजाब सरकार के अधिकारी ही बता सकते हैं।

प्रताड़ित करने की नीति का आरोप 

विभिन्न अध्यापकों के अनुसार, बिना किसी काम के छुट्टी वाले दिन भी पूरे स्टाफ को जबरन स्कूलों में हाजिर रहने का देना देना स्कूल शिक्षा विभाग और पंजाब सरकार की अध्यापकों को बेवजह प्रताड़ित करने की नीति को दर्शाता है।

लैक्चरर भड़के, फैसले को बताया गैर-वाजिब 

पंजाब सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा छुट्टी वाले दिनों में जबरन स्कूल खोलने के आदेश पर लैक्चरर कैडर यूनियन पंजाब ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। यूनियन के प्रदेश वित्त सचिव और जिला अध्यक्ष धरमजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश पूरी तरह से गैर वाजिब और अध्यापक विरोधी है। यूनियन के वरिष्ठ नेताओं दविंदर सिंह, गुरहरजिंदर सिंह खक्ख, मनदीप सिंह सेखों और जस्पाल सिंह ने सरकार को घेरते हुए कहा कि स्कूलों में पहले से ही स्टाफ की भारी कमी चल रही है, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पहले ही बहुत पिछड़ चुकी है। ऐसे नाजुक समय में छुट्टियों के दिन भी जबरन स्कूल खोलकर अध्यापकों पर मानसिक व अतिरिक्त बोझ डालना पूरी तरह से गलत है। एस.आई.आर. असल में इलैक्शन कमीशन का काम है। इस काम को स्कूल के समय से बाहर या छुट्टी वाले शनिवार और रविवार के दिन करवाना सीधे तौर पर अध्यापकों का शोषण करना है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यूनियन के सलाहकार अमरजीत सिंह पुड़ैन, जगदीप सिंह, हरप्रीत सिंह साहनेवाल और अलबेल सिंह पुड़ैन ने पंजाब सरकार को सख्त लहजे में अपील करते हुए कहा कि सरकार को ऐसे अजीब फरमान जारी करने के बजाय स्कूलों में स्टाफ की कमी दूर करनी चाहिए, ताकि अध्यापक वर्ग बिना किसी मानसिक तनाव के अपना पूरा समय अपने विद्यार्थियों को दे सके और शिक्षा के स्तर को सुधारा जा सके। यदि सरकार ने यह तानाशाही फैसला वापस न लिया, तो इसका डटकर विरोध किया जाएगा।

इलैक्शन कमीशन की मुहिम को रफ्तार देने के लिए आज और कल लगेंगे स्पैशल कैंप, बूथों पर मुस्तैद रहेंगे बी.एल.ओज.

चुनाव कमीशन की हिदायतों के अनुसार चल रही स्पैशल इंटैंसिव रिवीजन (एस.आई.आर.)-2026 मुहिम के तहत घर-घर सर्वे और गणना फॉर्म्स के डिजिटाइजेशन के काम को तेजी से मुकम्मल करने के लिए कमर कस ली गई है। इसके तहत 11 जुलाई (शनिवार) और 12 जुलाई (रविवार) को जिले भर के समूह पोलिंग बूथों पर विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अफसर लुधियाना हिमांशु जैन ने इस संबंधी जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इन विशेष कैंपों के दौरान दोनों दिन सुबह 8 बजे से बाद दोपहर 3 बजे तक बूथ लैवल अफसर (बी.एल.ओ.) अपने-अपने पोलिंग बूथों पर अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे। हिमांशु जैन ने जिले के वोटरों से अपील करते हुए कहा है कि वे इन विशेष कैंपों में ज्यादा से ज्यादा शिरकत करें। पोलिंग बूथों पर मौजूद बी.एल.ओज. आम जनता व वोटरों को गणना फॉर्म भरने, विवरणों की तस्दीक करने, जरूरी दस्तावेज जमा करवाने और गणना फॉर्म्स के डिजिटाइजेशन संबंधी हर तरह की सहायता मौके पर ही प्रदान करेंगे।

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