1 जुलाई को लेकर कम्प्यूटर अध्यापकों का राज्य भर में बड़ा ऐलान

Edited By Urmila,Updated: 30 Jun, 2026 12:38 PM

major announcement by computer teachers across the state

पंजाब भर के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे कम्प्यूटर अध्यापकों ने अपनी लंबे समय से लटकती आ रही मांगों को लेकर राज्य की आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी शुरू कर दी है।

लुधियाना (विक्की) : पंजाब भर के सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे कम्प्यूटर अध्यापकों ने अपनी लंबे समय से लटकती आ रही मांगों को लेकर राज्य की आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। सरकार की नीतियों और वादाखिलाफी से नाराज कम्प्यूटर फैकल्टी एसोसिएशन पंजाब ने बड़ा फैसला लेते हुए ऐलान किया है कि 1 जुलाई को राज्य भर में 'आप' द्वारा 2022 के विधानसभा चुनाव के समय जारी किए गए चुनाव घोषणा पत्र (मैनीफेस्टो) की कापियां फूंकी जाएंगी। अध्यापक संगठन ने सरकार पर वादों से मुकरने और अध्यापक वर्ग की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

इस तीखे संघर्ष की रणनीति तैयार करने के लिए एसोसिएशन की एक अहम ऑनलाइन मीटिंग प्रदीप कुमार मलूका की अध्यक्षता में हुई। इस मीटिंग में लखविंदर सिंह फिरोजपुर, जपाल फतेहगढ़ साहिब, दविंदर पाठक, परमवीर सिंह पम्मी, हरचरण सिंह और जतिंदर सिंह सोढी विशेष रूप से शामिल हुए।

मीटिंग के फैसलों के बारे में पत्रकारों के साथ जानकारी साझा करते हुए प्रदीप कुमार मलूका ने बताया कि 1 जुलाई 2011 को तत्कालीन सरकार द्वारा कम्प्यूटर अध्यापकों की सेवाओं को पिक्टस सोसाइटी के अधीन रेगुलर किया गया था। लेकिन 15 साल बीत जाने के बावजूद भी किसी सरकार ने उनके बनते हक और लाभ बहाल नहीं किए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2022 के चुनाव के समय मौजूदा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, अरविंद केजरीवाल, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और अनमोल गगन मान द्वारा सभी लाभ देने का भरोसा दिया गया था, लेकिन यह सिर्फ 'चुनाव जुमला' बनकर रह गया। यहां तक कि शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा सार्वजनिक तौर पर किए गए ऐलान भी हकीकत में बदल नहीं सके।

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