Edited By Urmila,Updated: 19 Apr, 2026 01:25 PM

पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की पत्नी और 3 बार पार्षद रहीं कांग्रेस नेत्री ममता आशु ने सोशल मीडिया पर एक तीखा पोस्ट डालकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लुधियाना (विक्की): महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। इसी बीच पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की पत्नी और 3 बार पार्षद रहीं कांग्रेस नेत्री ममता आशु ने सोशल मीडिया पर एक तीखा पोस्ट डालकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके इस पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
ममता आशु ने अपने पोस्ट में साफ लिखा कि वह महिला आरक्षण की पक्षधर हैं, लेकिन इसके लागू करने के तरीके पर गंभीर आपत्ति है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 33 प्रतिशत आरक्षण देना ही है, तो यह मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में ही क्यों नहीं लागू किया जा रहा। नई सीटें जोड़ने का प्रावधान आखिर क्यों लाया जा रहा है?
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या यह मान लिया जाए कि मौजूदा जनप्रतिनिधि अपनी सीटें छोड़ना नहीं चाहते, इसलिए महिलाओं के लिए अलग से नई सीटों का फॉर्मूला तैयार किया जा रहा है। उनके मुताबिक, अगर सरकार की नीयत सच में महिला सशक्तिकरण की है, तो त्याग और राजनीतिक इच्छाशक्ति भी दिखनी चाहिए।
ममता आशु ने आगे लिखा कि असली बदलाव तब ही माना जाएगा, जब आज की 543 सीटों में से ही 33 प्रतिशत महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलेगा, न कि नई सीटें जोड़कर इसे एक तरह का समझौता बना दिया जाए। उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में कहा कि यह सिर्फ आरक्षण का मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीतिक ईमानदारी और नीयत की असली परीक्षा है।
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