Edited By Subhash Kapoor,Updated: 11 Apr, 2026 07:07 PM

शहर की नई सब्जी मंडी में इन दिनों नियम-कानून ताक पर रखकर सरेआम लूट का सिलसिला जारी है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार यह वसूली किसी निजी ठेकेदार द्वारा नहीं, बल्कि खुद मंडी बोर्ड के प्रबंधन में हो रही है। आरोप है कि मंडी बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे...
लुधियाना (राकेश मोदगिल): शहर की नई सब्जी मंडी में इन दिनों नियम-कानून ताक पर रखकर सरेआम लूट का सिलसिला जारी है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार यह वसूली किसी निजी ठेकेदार द्वारा नहीं, बल्कि खुद मंडी बोर्ड के प्रबंधन में हो रही है। आरोप है कि मंडी बोर्ड द्वारा चलाए जा रहे पार्किंग और एंट्री के ठेके में कर्मचारियों द्वारा सरेआम अवैध वसूली की जा रही है।
मंडी के अंदर खरीदारी के लिए जाने वाले वाहनों और रेहड़ी-फड़ी वालों का कहना है कि एंट्री गेट पर जो सरकारी रसीद दी जाती है, उस पर लिखे गए असल रेट को काटकर कर्मचारी अपनी मर्जी के दाम वसूल रहे हैं। यह पूरी तरह से गैर-कानूनी है, लेकिन मंडी बोर्ड के कर्मचारी बेखौफ होकर इस खेल को अंजाम दे रहे हैं।
लूट का यह खेल सिर्फ मंडी की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। मंडी के बाहर सड़क किनारे रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले गरीब दुकानदारों से भी नाजायज वसूली की जा रही है। सवाल यह उठता है कि जब मंडी बोर्ड खुद इस व्यवस्था को देख रहा है, तो फिर किसकी शह पर यह अवैध वसूली का धंधा फल-फूल रहा है?
बड़ा सवाल ये है कि जब मंडी प्रशासन और मंडी बोर्ड खुद ठेका चला रहे हैं, तो उनकी मौजूदगी में रसीदों के साथ छेड़छाड़ कैसे संभव है? क्या इस बड़े घोटाले में बड़े अधिकारियों की भी मिलीभगत है? लुधियाना का प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे क्यों बैठा है?

