Edited By Subhash Kapoor,Updated: 08 Apr, 2026 05:34 PM

महानगर के थाना डिवीजन नंबर 6 में दुकानदार सरबजीत सिंह के साथ हुई पुलिसिया बर्बरता के मामले में पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने कड़ा संज्ञान लिया है। चौतरफा फजीहत और रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोपों के बाद कमिश्नर ने तुरंत प्रभाव से इंस्पेक्टर विजय कुमार...
लुधियाना (राज): महानगर के थाना डिवीजन नंबर 6 में दुकानदार सरबजीत सिंह के साथ हुई पुलिसिया बर्बरता के मामले में पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने कड़ा संज्ञान लिया है। चौतरफा फजीहत और रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोपों के बाद कमिश्नर ने तुरंत प्रभाव से इंस्पेक्टर विजय कुमार को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि, पीड़ित पक्ष इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है और आरोपी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग पर अड़ा है।
जिक्रयोग्य है कि पीडि़त सरबजीत सिंह का कहना था कि 3 अप्रैल की रात करीब 9 बजे के बीच वह अपनी दुकान पर था। उसी समय एसएचओ विजय कुमार पुलिस टीम के साथ आए, लेकिन उन्हें दुकान में कोई भी शराब पीते हुए नहीं मिला। उनके जाने के कुछ देर बाद चार अज्ञात व्यक्ति आए और जन्मदिन का बहाना बनाकर शराब पीने की जिद करने लगे। सरबजीत के मना करने के बावजूद वे जबरदस्ती बैठ गए। तभी अचानक एसएचओ फिर से वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए सरबजीत और उन चारों व्यक्तियों को थाने ले गए। आरोप है कि उन चार लोगों को बाद में छोड़ दिया गया, जबकि सरबजीत पर झूठा केस दर्ज कर लिया गया। सी.पी. को दी शिकायत में सरबजीत ने बताया कि एसएचओ ने उसे शराब पीने के लिए कहा। जब उसने मना किया तो एसएचओ ने अपने ड्राइवर और तीन कांस्टेबलों की मदद से उसके कपड़े उतरवा दिए। पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ-पैर पकड़े और उसके गुप्तांगों पर बिजली के करंट लगाए। इतना ही नहीं, एसएचओ ने उसके नाक में भी करंट वाली तारें डाल दीं, जिससे उसकी बाईं आंख से धुंधला दिखना शुरू हो गया है।