Edited By Urmila,Updated: 10 Apr, 2026 03:43 PM

खालसा सजना दिवस के मौके पर आज सिख श्रद्धालुओं का एक बड़ा ग्रुप अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ।
अमृतसर (रमन) : खालसा सजना दिवस के मौके पर आज सिख श्रद्धालुओं का एक बड़ा ग्रुप अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ। इस ग्रुप में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालु शामिल थे, जो गुरुद्वारों के दर्शन करने के लिए बेताब थे। लेकिन बॉर्डर पर पहुंचने पर कई श्रद्धालुओं को निराशा हुई जब BSF अधिकारियों ने उनमें से कुछ को आगे जाने से रोक दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, जिन श्रद्धालुओं को रोका गया है उनके नाम अभी अप्रूवल लिस्ट में शामिल नहीं किए गए हैं। BSF ने साफ किया कि जब तक ऊपर के अधिकारियों से अप्रूवल नहीं मिल जाता, उन्हें पाकिस्तान जाने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। इस वजह से करीब 27 श्रद्धालुओं को बॉर्डर पर ही रोक दिया गया, जबकि बाकी ग्रुप आगे निकल गया।
इस घटना से श्रद्धालुओं में काफी गुस्सा है। मोगा से आए जसविंदर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह 1799 सोसाइटी से जुड़े हैं और उनके पास पूरे डॉक्यूमेंट्स और वीज़ा हैं। उन्होंने कहा, “अगर हमारे वीज़ा पहले से वैलिड हैं, तो हमें रोकने की कोई सही वजह नहीं है। यह एक प्रशासनिक चूक है, जिसका खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है।”
उन्होंने कहा कि कुल 127 तीर्थयात्रियों में से 27 को रोक दिया गया है, जिससे परिवारों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोग अपने बच्चों के साथ यहां पहुंचे थे और अब वे अनिश्चितता में खड़े हैं। तीर्थयात्रियों ने मांग की कि ऐसी व्यवस्थाओं को पहले से ही स्पष्ट किया जाना चाहिए ताकि लोगों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। इस मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और तीर्थयात्रियों ने जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की अपील की है।
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