जालंधर, पठानकोट व मोगा में खुफिया कैमरे, ISI-बब्बर खालसा से जुड़े 11 आरोपी गिरफ्तार

Edited By Kamini,Updated: 10 Apr, 2026 07:11 PM

espionage plot uncovered in punjab

पंजाब में साजिश की रचने की इस समय की बड़ी खबर सामने आई है। बड़े आतंकवादी मड्यूल का पर्दाफाश हुआ है।

पंजाब डेस्क: पंजाब में साजिश की रचने की इस समय की बड़ी खबर सामने आई है। बड़े आतंकवादी मड्यूल का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है। दिल्ली पुलिस को इस ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली है, जिसमें 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने और आतंकी संगठनों से जुड़े होने के आरोप हैं।

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ISI और बब्बर खालसा से सबंधित गिरफ्तार

जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी ISI और बब्बर खालसा से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनके पास से 9 CCTV कैमरे और 4 पिस्तौल (जिनमें से 3 विदेशी ब्रांड की हैं) के साथ 24 ज़िंदा कारतूस बरामद किए हैं। तरनतारन का रहने वाला मनप्रीत सिंह इस नेटवर्क का मुख्य सदस्य बताया जा रहा है, जो सीधे पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था और हथियारों की सप्लाई का काम देख रहा था।

पंजाब के इन शहरों में लगाए गए कैमरे

जांच के दौरान सामने आया है आरोपी पंजाब, हरियाणा सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में खुफिया गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। जांच में सामने आया है कि पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में गुप्त रूप से कैमरे लगाए जा रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पंजाब के जालंधर, पठानकोट और मोगा जैसे संवेदनशील इलाकों में भी कैमरे लगाए जा रहे थे। इन कैमरों के जरिए अहम स्थानों की गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान भेजी जा रही थी।

सोलर कैमरों के जरिए की जा रही थी जासूसी

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस मॉड्यूल ने मिलिट्री कैंटोनमेंट और सेंसिटिव इलाकों के पास सोलर पावर वाले CCTV कैमरों का नेटवर्क बिछा रखा था। ये कैमरे सोलर एनर्जी से चलते थे, जिसकी वजह से इन्हें बिजली की ज़रूरत नहीं पड़ती थी और दूर-दराज के इलाकों में इन्हें ढूंढना बहुत मुश्किल था। ये कैमरे नकली पहचान पत्रों पर लिए गए सिम कार्ड के ज़रिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को डायरेक्ट वीडियो फ़ीड भेजते थे।

पंजाब के इन शहरों में लगाए गए थे कैमरे

जांच में पता चला है कि ये कैमरे पंजाब के कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला और मोगा में लगाए गए थे। इसके अलावा, हरियाणा के अंबाला, जम्मू-कश्मीर के कठुआ और राजस्थान के बीकानेर और अलवर में भी ऐसे ही जासूसी डिवाइस लगाए गए थे। इन जगहों पर मिलिट्री टुकड़ियों का बहुत आना-जाना रहता है।

गिरफ्तार आरोपियों को अलग-अलग टारगेट दिए गए थे, जिनके तहत वे महत्वपूर्ण स्थानों की निगरानी कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क के तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं और मामले की गहन जांच जारी है। इस कार्रवाई से एक बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया गया है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है। आपको बता दें कि, पठानकोट बार्डर एरिया है तो वहीं जालंधर में बड़ा आर्मी कैंप स्थापित है। 

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