Edited By Subhash Kapoor,Updated: 10 Apr, 2026 11:17 PM

महानगर के निवासियों को शुद्ध और पौष्टिक आहार सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। पंजाब के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के निर्देशों पर लुधियाना में 'फूड सेफ्टी फोर्टनाइट' (खाद्य सुरक्षा पखवाड़ा) की शुरुआत की गई है, जो 23 अप्रैल...
लुधियाना (राज): महानगर के निवासियों को शुद्ध और पौष्टिक आहार सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। पंजाब के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के निर्देशों पर लुधियाना में 'फूड सेफ्टी फोर्टनाइट' (खाद्य सुरक्षा पखवाड़ा) की शुरुआत की गई है, जो 23 अप्रैल तक जारी रहेगा। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशीष चावला ने इस विशेष अभियान का बिगुल फूंकते हुए स्पष्ट किया है कि जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों पर विभाग की पैनी नजर है और इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य खाने-पीने की चीजों में शुद्धता और स्वच्छता के मानकों को लागू करना है।
इस मुहिम के तहत लुधियाना के फूड बिजनेस ऑपरेटरों के लिए विभाग ने एक अनूठी पहल की है। व्यापारियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे दूध, दूध से बने उत्पादों और मसालों की शुद्धता की जांच के लिए खुद आगे आएं और स्वेच्छा से अपने सैंपल परीक्षण हेतु जमा कराएं। इसके लिए सभी फूड सेफ्टी अधिकारी रोजाना सुबह 9 से 11 बजे तक अपने कार्यालयों में मौजूद रहेंगे। इन सैंपलों को स्टेट फूड लेबोरेटरी, खरड़ भेजा जाएगा ताकि आधुनिक मशीनों से इनकी जांच की जा सके। डॉ. चावला ने भरोसा दिलाया है कि यदि किसी सैंपल में कोई कमी पाई जाती है, तो पहले संबंधित ऑपरेटर को रिपोर्ट साझा कर सुधार का मौका दिया जाएगा, लेकिन नियमों की अनदेखी करने वालों पर बाद में प्रवर्तन विभाग का डंडा भी चलेगा।
शहर के कोने-कोने तक जागरूकता फैलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' यानी सचल प्रयोगशालाओं को भी मैदान में उतार दिया है। ये मोबाइल यूनिट जिले के विभिन्न भीड़भाड़ वाले इलाकों और बाजारों में जाकर लोगों को मौके पर ही सुरक्षित भोजन की आदतों और स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगी। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे न केवल जांच करें बल्कि जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए दुकानदारों को इस अभियान का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करें।
डॉ. अशीष चावला ने जनता और व्यापारियों से अपील की है कि वे इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा विभाग की पहली प्राथमिकता है और उपभोक्ताओं को जागरूक करना ही मिलावटखोरी के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। इस 15 दिवसीय विशेष अभियान के शुरू होते ही खाद्य पदार्थों का व्यापार करने वालों में हलचल तेज हो गई है और विभाग की इस सक्रियता से उम्मीद जगी है कि शहरवासियों को अब अपनी रसोई के लिए बेहतर और शुद्ध सामान मिल सकेगा।