Edited By Subhash Kapoor,Updated: 11 Apr, 2026 07:36 PM

लुधियाना में सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जों का मामला अब सियासी रंग लेता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी पंजाब के आर.टी.आई. सेल के कन्वीनर कीमती रावल ने इस पूरे प्रकरण में आम आदमी पार्टी (AAP) पर सीधा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। रावल का दावा...
लुधियाना (गणेश/सचिन): लुधियाना में सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जों का मामला अब सियासी रंग लेता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी पंजाब के आर.टी.आई. सेल के कन्वीनर कीमती रावल ने इस पूरे प्रकरण में आम आदमी पार्टी (AAP) पर सीधा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। रावल का दावा है कि AAP से जुड़े लोगों ने सुनियोजित तरीके से सरकारी जमीन पर कब्जा करने के लिए महज 10×10 का मंदिर रातों-रात खड़ा कर दिया।
रावल के अनुसार, यह पूरा खेल बेहद चालाकी से रचा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही रात में इलाके में जगराता के कार्ड छपवाकर बांट दिए गए, ताकि स्थानीय लोगों को लगे कि यह धार्मिक आयोजन है और किसी को शक न हो। इसी आड़ में जमीन पर कब्जे की नींव रख दी गई।
सूत्रों के हवाले से एक और बड़ा आरोप
सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में AAP के एक स्थानीय पार्षद की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि कथित कब्जे के पीछे राजनीतिक संरक्षण हो सकता है, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विपक्ष का आरोप है कि बिना राजनीतिक सहमति के इतनी तेजी से निर्माण संभव नहीं है।
मामला भारत नगर एक्सटेंशन स्कीम के तहत एस.सी.एफ.-1 के पास स्थित सरकारी पेवमेंट की जमीन का है, जिसे पहले लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट द्वारा पत्र संख्या 381 दिनांक 21-02-2026 के जरिए नगर निगम को हैंडओवर किया जा चुका है। इसके बावजूद, इतनी बड़ी जमीन पर रातों-रात निर्माण होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है।
कीमती रावल ने आरोप लगाया कि जैसे ही जमीन किसी विभाग से नगर निगम को ट्रांसफर होती है, भू-माफिया सक्रिय हो जाता है और राजनीतिक संरक्षण में कब्जे शुरू हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि बाद में इन्हीं कब्जों को अलॉटमेंट या लीज के जरिए वैध बनाने की कोशिश की जाती है, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान होता है।
रावल ने नगर निगम और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट पर भी मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों, भू-माफिया और राजनीतिक लोगों का गठजोड़ अब खुलकर सामने आ रहा है। हाल ही में विजिलेंस ब्यूरो द्वारा एक वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि सिस्टम के भीतर भ्रष्टाचार गहराई तक फैला हुआ है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि नवजोत चिकन के पास, बस स्टैंड के नजदीक, शाम नगर की मुख्य सड़क पर स्थित दो साइडेड प्लॉट पर भी इसी तरह रातों-रात कब्जा किया गया है। रावल ने सवाल उठाया कि करोड़ों की सरकारी जमीन आखिर किसकी शह पर कब्जाई जा रही है।
रावल ने नगर निगम की महिला कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर से इस मामले में सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जे में शामिल सभी लोगों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट संदेश जाए कि कानून से ऊपर कोई नहीं। अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाता है या फिर एक बार फिर सरकारी जमीन पर कब्जों का खेल यूं ही चलता रहेगा।