Edited By Subhash Kapoor,Updated: 09 Apr, 2026 06:00 PM

भामियां कलां स्थित श्री गुरु रविदास गुरुद्वारा साहिब में बीते कई दिनों से चल रहा प्रधानगी को लेकर विवाद आखिरकार आपसी समझ और सहमति के साथ समाप्त हो गया। लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बाद दोनों पक्ष एकजुट होकर सामने आए और संगत की मौजूदगी में शांति...
लुधियाना ( गणेश/सचिन ) : भामियां कलां स्थित श्री गुरु रविदास गुरुद्वारा साहिब में बीते कई दिनों से चल रहा प्रधानगी को लेकर विवाद आखिरकार आपसी समझ और सहमति के साथ समाप्त हो गया। लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बाद दोनों पक्ष एकजुट होकर सामने आए और संगत की मौजूदगी में शांति पूर्ण समाधान निकाला गया, जिससे पूरे गांव में राहत और सुकून का माहौल बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस विवाद को सुलझाने के लिए धार्मिक संत-महात्माओं, गांव के गणमान्य व्यक्तियों और दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में गुरु साहिब की हजूरी में विशेष बैठक बुलाई गई। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने खुलकर अपने विचार रखे और बीते समय में हुई गलतफहमियों को दूर करते हुए आपसी भाईचारे को प्राथमिकता दी। इस दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी गलतियों को भी स्वीकार किया और भविष्य में गुरुमर्यादा के अनुसार चलने का वचन दिया। सहमति के आधार पर निर्मल सिंह को गुरुद्वारा साहिब का प्रधान चुना गया, जो पहले भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। यह निर्णय संगत की मौजूदगी में सर्वसम्मति से लिया गया, जिसे सभी पक्षों ने स्वीकार करते हुए एक नई शुरुआत का संकेत दिया।
इस मौके पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और श्री अकाल तख्त साहिब के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए विशेष रूप से धन्यवाद व्यक्त किया गया। प्रतिनिधियों ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु घरों को हमेशा राजनीति से दूर रखना चाहिए और यहां प्रेम, सेवा और भाईचारे की भावना को बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि भविष्य में अगर कोई भी शरारती तत्व माहौल खराब करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान पहले हुए कुछ विवादित घटनाक्रम, जैसे गुरुद्वारा साहिब के ताले तोड़ने के मामले पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस घटना पर खेद प्रकट करते हुए इसे उस समय के तनाव का परिणाम बताया और भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना से बचने का भरोसा दिलाया।
विवाद खत्म होने के बाद अब गांव भामियां कलां में पूरी तरह शांति का माहौल है। संगत इस फैसले को एकता, समझदारी और भाईचारे की मिसाल के रूप में देख रही है। सभी ने मिलकर गुरुद्वारा साहिब की चढ़दी कला, धार्मिक मर्यादा और गांव के समग्र विकास के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया है।
