Edited By Kamini,Updated: 11 Apr, 2026 06:38 PM

देश की स्मार्ट सिटी में शुमार महानगर लुधियाना आज नगर निगम, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनता के चुने हुए नुमाइंदों की घोर लापरवाही के कारण बैकवर्ड सिटी बनता जा रहा है, जिसकी टूटी हुई सड़कें लोगों को मुंह चिड़ा रही हैं।
लुधियाना (चोपड़ा/राकेश): देश की स्मार्ट सिटी में शुमार महानगर लुधियाना आज नगर निगम, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनता के चुने हुए नुमाइंदों की घोर लापरवाही के कारण बैकवर्ड सिटी बनता जा रहा है, जिसकी टूटी हुई सड़कें लोगों को मुंह चिड़ा रही हैं। जिसमें सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात यह है कि सड़क पर सीवरेज या पानी सप्लाई के सिस्टम को दुरुस्त करने के नाम पर सड़क को खोद तो दिया जाता है परंतु फिर उसे ठीक नहीं किया जाता। इसका नतीजा यह होता है कि राहगीर उन खोदे गए गहरे गड्ढों में गिरकर बुरी तरह से जख्मी हो जाते हैं और कई बार तो मौत के मुंह में भी चले जाते हैं।
इस लापरवाही का जीता जागता उदाहरण देखने को मिल रहा है संतोख नगर, वार्ड नंबर 87 (उत्तरी हल्का) में, यहां सीवरेज लाइन का काम करने के बाद सड़क बनाने का काम अधूरा छोड़ने के साथ-साथ चैंबर बनाने के लिए खोदे गए गहरे गड्ढों को भी जस का तस छोड़ दिया है। इसकी वजह से राहगीरों के अलावा स्कूल जाने वाले बच्चे भी इन गड्ढों में गिरकर बुरी तरह से जख्मी होने के साथ-साथ स्थानीय निवासी और दुकानदार रोजाना कई सौ ग्राम मिट्टी खाकर बीमार हो रहें हैं। परंतु क्या कारण है कि लोगों के लिए गंभीर खतरा बने हुए इन गड्ढों की तरफ न तो इलाका विधायक और न ही नगर निगम एवं प्रशासनिक अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

इस बारे में संतोख नगर (वार्ड नंबर 87) के स्थानीय निवासियों और दुकानदारों प्रमुख समाजसेवी विपन जैन, पाली धालीवाल, शंटी, दीपा, हैरी, राजू, दृढ़ा स्वामी, सुखविंदर सिंह आदि ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि इलाका विधायक और नगर निगम कमिश्नर तुरंत इस तरफ ध्यान दे ताकि इस जानलेवा समस्या से इलाका निवासियों, दुकानदारों और राहगीरों को निजात मिल सके।
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