जालंधर ‘स्मार्ट’ नहीं ‘कूड़ा सिटी बना’, भगत सिंह चौक पर गंदगी के ढेरों ने छीनी शहर की पहचान

Edited By Urmila,Updated: 21 Mar, 2026 12:59 PM

bhagat singh chowk exposes the reality of the smart city

भगत सिंह चौक के आसपास का नजारा इन दिनों जालंधर की स्मार्ट सिटी की पोल खोलता नजर आ रहा है।

जालंधर (कशिश) : भगत सिंह चौक के आसपास का नजारा इन दिनों जालंधर की स्मार्ट सिटी की पोल खोलता नजर आ रहा है। इलाके में चल रहे धरने और अव्यवस्था के चलते सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू फैली हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ऐसे ही धरने होते रहे और सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया, तो जालंधर स्मार्ट सिटी नहीं बल्कि कूड़ा सिटी बनकर रह जाएगी।

Bhagat Singh Chowk

राहगीरों और दुकानदारों का आरोप है कि नगर निगम की ओर से नियमित सफाई नहीं हो रही, जिससे न सिर्फ वातावरण दूषित हो रहा है बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि धरनों के दौरान सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए ठोस इंतज़ाम किए जाएं, ताकि शहर की छवि खराब न हो।

23 मार्च से हड़ताल की चेतावनी, -300 सीवरेजमैनों को नहीं मिला 3 महीने से वेतन

वहीं बता दें कि नगर निगम जालंधर में विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने निगम प्रशासन पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। शुक्रवार को संयुक्त यूनियनों के प्रतिनिधिमंडल ने सफाई मजदूर फैडरेशन पंजाब के जनरल सेक्रेटरी सन्नी सहोता की अध्यक्षता में नगर निगम कमिश्नर संदीप ऋषि से मुलाकात कर अपनी मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

यूनियन नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कच्चे आधार पर रखे गए करीब 300 सीवरमैन को पिछले 3 महीनों से वेतन नहीं दिया गया है। जब यूनियनों ने इन कर्मचारियों का रिकॉर्ड मांगा तो निगम प्रशासन कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं करा सका, जिससे भर्ती प्रक्रिया में घोटाले की आशंका जताई जा रही है।

इसके अलावा, नगर निगम की वर्कशॉप में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 10 कथित बोगस ड्राइवर बिना कमिश्नर और हाउस की मंजूरी के रखे जाने का भी आरोप लगाया गया। यूनियनों का कहना है कि इस मामले की जानकारी पहले भी प्रशासन को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब फिर से 10 नए ड्राइवरों की फाइल तैयार की जा रही है, जिससे संदेह और गहरा गया है। 

यूनियनों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो 23 मार्च से नगर निगम की सभी संयुक्त यूनियनें हड़ताल पर चली जाएंगी। इस मौके पर सन्नी सेठी, गौरव गिल, अशोक भील, विनोद सहोता, अनिल सभरवाल, शाम लाल गिल, हरिवंश सिद्धू, राजू छोटा, जोंटी सर्वटे, हरजीत बॉबी, रमणजीत सिंह, पवन अग्निहोत्री, सोमनाथ मैहतपुरी, विक्की सहोता सहित विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!