Edited By Kamini,Updated: 19 Mar, 2026 05:33 PM

जालंधर में 21 मार्च को लेकर बड़ा ऐलान किया है। शिक्षा विभाग संघर्ष कमेटी पंजाब ने 21 मार्च को जालंधर में राज्य स्तरीय महा रोष रैली और कैबिनेट मंत्री महिंदर भगत के घर के घेराव का ऐलान किया है।
जालंधर : जालंधर में 21 मार्च को लेकर बड़ा ऐलान किया है। शिक्षा विभाग संघर्ष कमेटी पंजाब ने 21 मार्च को जालंधर में राज्य स्तरीय महा रोष रैली और कैबिनेट मंत्री महिंदर भगत के घर के घेराव का ऐलान किया है। कमेटी का आरोप है कि सरकार ने जालंधर उपचुनाव के दौरान किए गए वित्तीय मांगों को पूरा करने के वादे से मुकर गई है।
शिक्षा विभाग संघर्ष कमेटी के राज्य नेताओं और शिक्षा विभाग मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन पंजाब के राज्य अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह खटरा, लेक्चरर कैडर यूनियन पंजाब के राज्य अध्यक्ष धर्मजीत सिंह ढिल्लो, मास्टर कैडर यूनियन के राज्य अध्यक्ष बलजिंदर धालीवाल, एलिमेंट्री टीचर्स यूनियन पंजाब के राज्य अध्यक्ष हरजिंदर पाल सिंह पन्नू, मनप्रीत सिंह बठिंडा, परमपाल सिंह मोगा, गुरिंदर सिंह घुक्केवाली, गुरमीत सिंह भुल्लर, दलजीत सिंह सभरवाल ने संयुक्त रूप से प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि 21 मार्च को होने वाली रैली की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नेताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन जबरन थोपे गए TET, पुरानी पेंशन बहाली, डीए, टाइप टेस्ट और सर्व शिक्षा अभियान के तहत काम कर रहे नॉन-टीचिंग स्टाफ को बिना कटौती पूर्ण वेतनमान में नियमित करने जैसी मांगों को लेकर किया जा रहा है।
नेताओं ने विस्तार से बताया कि वे सरकार द्वारा लगाए गए TET, पुरानी पेंशन, DA और टाइप टेस्ट की बहाली, सर्व शिक्षा अभियान के तहत काम करने वाले नॉन-टीचिंग स्टाफ, रेगुलर को बिना सैलरी काटे पूरे स्केल में नजरअंदाज करने, पंजाब सरकार द्वारा फाइनेंशियल मांगों पर चुप्पी साधने और अपनी सही मांगों को मांगने पर टीचरों और कर्मचारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछारों से अत्याचार करने के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। जुलाई 2024 में जालंधर उपचुनाव के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री, पंजाब के वित्त मंत्री और पंजाब के शिक्षा मंत्री ने संगठनों से मुलाकात की थी और उपचुनाव के तुरंत बाद फाइनेंशियल मांगों को लागू करने का वादा किया था, लेकिन आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार महिंदर भगत के जालंधर उपचुनाव जीतने के बाद भी पंजाब सरकार ने फाइनेंशियल मांगों को पूरा न करके टीचरों से अपना वादा तोड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार इन मांगों को लेकर “गूंगी-बहरी” बनी हुई है और जब कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हैं तो उन पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछारें की जाती हैं। नेताओं ने यह भी कहा कि जुलाई 2024 में जालंधर उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री और शिक्षा मंत्री ने बैठक कर चुनाव के तुरंत बाद मांगों को लागू करने का वादा किया था, लेकिन चुनाव जीतने के बाद सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी के विरोध में 21 मार्च को हजारों शिक्षक और कर्मचारी जालंधर में कन्वेंशन के बाद कैबिनेट मंत्री महिंदर भगत के घर की ओर कूच करेंगे और उनका घेराव करेंगे।
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