Edited By VANSH Sharma,Updated: 28 Mar, 2026 11:51 PM

होटलों के अवैध निर्माण के खिलाफ एक बार फिर नगर निगम की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है।
लुधियाना (हितेश): होटलों के अवैध निर्माण के खिलाफ एक बार फिर नगर निगम की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। जानकारी के अनुसार, अगले हफ्ते कोर्ट में होने वाली सुनवाई के लिए रिपोर्ट तैयार करने के उद्देश्य से जोन-ए की टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई है।
बताया जा रहा है कि होटलों के अवैध निर्माण को लेकर सालों से चल रहे केस में नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच के अधिकारियों ने कई होटलों को 1997 से पुराना बताकर गलत तरीके से रेगुलर कर दिया। वहीं, जिन होटलों की सेटिंग नहीं हो पाई, उन्हें नॉन-कंपाउंडेबल कैटेगरी में डाल दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, हर बार कोर्ट में केस की सुनवाई से कुछ दिन पहले ही इन होटलों पर सीलिंग की कार्रवाई की जाती है, ताकि रिपोर्ट में कार्रवाई दिखाकर पेश की जा सके। शनिवार को छुट्टी वाले दिन भी ऐसा ही माहौल देखने को मिला, जब नगर निगम ने भदौड़ हाउस इलाके में स्थित कई पुराने होटलों पर सीलिंग ड्राइव चलाने का दावा किया।
हालांकि, इस कार्रवाई को ड्रामेबाजी के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि पुख्ता कार्रवाई करने की बजाय होटलों के ऊपरी हिस्से में बने कुछ कमरों पर ही ताले लगाए गए। जानकारी के अनुसार, इन कमरों को पहले भी कई बार सील किया जा चुका है, लेकिन अवैध निर्माण पर स्थायी कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम को सिर्फ दिखावे की कार्रवाई करने के बजाय अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि नियमों का सही तरीके से पालन हो सके।
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