Edited By Urmila,Updated: 25 Mar, 2026 11:32 AM

डी.एम. रंधावा सुसाइड केस में जांच को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। मामले में सी.बी.आई. जांच की मांग के बीच पंजाब कांग्रेस के भीतर ही मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
पंजाब डेस्क : डी.एम. रंधावा सुसाइड केस में जांच को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है। मामले में सी.बी.आई. जांच की मांग के बीच पंजाब कांग्रेस के भीतर ही मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग ने साफ कहा है कि उन्हें सी.बी.आई. जांच पर भरोसा नहीं है और इस मामले की जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप बाजवा ने इस मामले में सी.बी.आई. जांच का समर्थन किया है। इससे यह साफ हो गया है कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर एकजुट नहीं है और अलग-अलग नेता अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बयान भी चर्चा में है। अमित शाह ने कहा है कि अगर सभी सांसद लिखित में मांग करें, तो सी.बी.आई. जांच करवाई जा सकती है। खास बात यह है कि लुधियाना से सांसद खुद राजा वड़िंग हैं, जिनका रुख सी.बी.आई. जांच के खिलाफ है।
कांग्रेस प्रधान का कहना है कि न्याय तभी निष्पक्ष होगा जब जांच किसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था की निगरानी में हो। उन्होंने दोहराया कि हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में जांच कराई जानी चाहिए। वहीं, राजनीतिक गलियारों में यह बहस भी तेज है कि इंसाफ का सही रास्ता क्या होना चाहिए, क्योंकि हर पक्ष का अपना नजरिया सामने आ रहा है।
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