Edited By Subhash Kapoor,Updated: 13 Sep, 2026 08:45 PM

पंजाब में मिड-डे मील और आंगनवाड़ी पोषण योजनाओं में उत्पन्न गंभीर संकट को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने प्रदेश की ‘आप’ सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ‘शिक्षा क्रांति’ के बड़े-बड़े दावे करने वाली भगवंत मान सरकार की...
चंडीगढ़ : पंजाब में मिड-डे मील और आंगनवाड़ी पोषण योजनाओं में उत्पन्न गंभीर संकट को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने प्रदेश की ‘आप’ सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ‘शिक्षा क्रांति’ के बड़े-बड़े दावे करने वाली भगवंत मान सरकार की लापरवाही का खामियाजा आज प्रदेश के मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष ढिल्लों ने कहा कि रिपोर्टों के अनुसार जालंधर के लगभग 1,435 प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में महीनों से खाना पकाने के फंड लंबित हैं। शिक्षकों को अपनी जेब से हजारों रुपये खर्च करके राशन खरीदना पड़ रहा है। शिक्षकों का काम पढ़ाना है या सरकारी योजनाओं के बिलों और उलझनों को निपटाना?
उन्होंने कहा कि लुधियाना के स्कूलों में चूल्हों पर खाना पकाने जैसी स्थिति बनी हुई है। कागजों पर मेन्यू के आदेश जारी करने वाली सरकार बताए कि बच्चों की थाली तक पोषण कैसे पहुंचेगा? तरनतारन और लुधियाना में मिड-डे मील वर्कर ₹10,000 वेतन, डीसी रेट, सामाजिक सुरक्षा और बीमा की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं, जिससे खाना पकाने का काम ठप हो रहा है।
ढिल्लों ने कहा कि जालंधर के 1,634 आंगनवाड़ी केंद्रों में राशन की आपूर्ति ठप है। टेंडर रद्द होने के कारण 3–6 वर्ष के बच्चों को दलिया-खिचड़ी की जगह टॉफियां और बिस्कुट दिए जा रहे हैं। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताएं भी पोषण आहार से वंचित हैं।
केवल ढिल्लों ने कहा कि लंबित फंड, शिक्षकों और वर्करों के बकाए तथा सप्लायरों के भुगतान तुरंत जारी किए जाएं। उन्होंने सवाल किया कि जब बच्चों के भोजन, राशन और गैस के लिए पैसा ही नहीं है, तो सरकार किस आधार पर बदलाव के दावे कर रही है? मेन्यू सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि बच्चों की थाली में दिखाई देना चाहिए।