Edited By Kamini,Updated: 14 Sep, 2026 07:57 PM

पंजाब की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी को आज उस समय महत्वपूर्ण मजबूती मिली, जब स्वर्गीय पंजाब मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के करीबी रिश्तेदार और उनके 25 वर्षों तक राजनीतिक सचिव रहे मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों बादल ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम...
पंजाब डेस्क: पंजाब की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी को आज उस समय महत्वपूर्ण मजबूती मिली, जब स्वर्गीय पंजाब मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के करीबी रिश्तेदार और उनके 25 वर्षों तक राजनीतिक सचिव रहे मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों बादल ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों बादल ने पंजाब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। वे वर्ष 1997 से 2002 तक अकाली सरकार में राज्य मंत्री भी रहे।
मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों बादल का परिवार पंजाब की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। उनके पिता स्वर्गीय गुरराज सिंह ढिल्लों बादल वर्ष 1952 से 1958 तक शिरोमणि अकाली दल की ओर से राज्यसभा सांसद रहे। उन्होंने प्रकाश सिंह बादल की प्रारंभिक राजनीतिक यात्रा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों बादल स्वयं भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं और उन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने वर्ष 1988 तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 1994 से वे चुनाव अभियानों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही, लांबी विधानसभा क्षेत्र के लोगों के साथ उनका दशकों पुराना व्यक्तिगत एवं राजनीतिक जुड़ाव रहा है। क्षेत्र के लोगों के साथ उनके निरंतर संपर्क और सक्रिय भागीदारी ने उन्हें जमीनी स्तर पर एक मजबूत पहचान प्रदान की है। मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों बादल के भाजपा में शामिल होने को पंजाब की राजनीति, विशेषकर मालवा क्षेत्र में भाजपा के संगठनात्मक एवं राजनीतिक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव, जमीनी जुड़ाव और क्षेत्र में संपर्क से पार्टी को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।
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