LPG, पैट्रोल-डीजल की किल्लत के बीच जालंधर प्रशासन का बड़ा बयान, चेतावनी जारी

Edited By Kalash,Updated: 29 Mar, 2026 02:17 PM

lpg petrol and diesel shortage

खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के बीच अफवाहों का बाजार गर्म है और लोगों को गैस सप्लाई लेने में दिक्कतें पेश आ रही है

जालंधर (पुनीत): खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के बीच अफवाहों का बाजार गर्म है और लोगों को गैस सप्लाई लेने में दिक्कतें पेश आ रही है, वहीं पैट्रोल पंपों पर भी गत रोज लंबी कतारें देखने को मिली। प्रशासन का कहना है कि गैस व पैट्रोल-डीजल की सप्लाई पीछे से पूरी आ रही है लेकिन अत्याधिक खरीदारी के कारण किल्लत देखने को मिल रही है, इससे बचने के लिए लोगों को अत्याधिक खरीदारी व स्टोर करने से बचना चाहिए।

जिले में पैट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच प्रशासन ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करते हुए कहा है कि सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कोई किल्लत नहीं है। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) अमनिंदर कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि जालंधर जिले के लगभग 280 पैट्रोल पंपों और सभी गैस एजैंसियों पर पर्याप्त मात्रा में सप्लाई जारी है।

उन्होंने कहा कि प्रशासनिक टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं। पेट्रोल पंपों व गैस एजैंसियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कहीं भी सप्लाई बाधित नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें किसी वास्तविक कमी के कारण नहीं, बल्कि अफवाहों के चलते लोगों द्वारा घबराहट में की गई अतिरिक्त खरीदारी का परिणाम थीं।

अमनिंदर कौर ने बताया कि जिले में रोजाना लगभग 460 किलोलीटर पेट्रोल और 600 किलोलीटर डीजल की खपत होती है, और इसके अनुसार पर्याप्त मात्रा में सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही सरकार के निर्देशों के अनुसार आवश्यक सेवाओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस की आपूर्ति दी जा रही है, वहीं होटल, रैस्टोरेंट और शादी समारोहों के लिए भी गैस की उपलब्धता बनाए रखी गई है।

उन्होंने जिला वासियों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें और अनावश्यक रूप से पैट्रोल-डीजल या गैस का भंडारण न करें। ऐसा करने से तुरंत प्रभाव से कमी पैदा होती है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों और एसोसिएशनों को भी निर्देश दिए हैं कि पेट्रोल और डीजल केवल वाहनों में ही भरा जाए, न कि बोतलों या अन्य कंटेनरों में। इसके अलावा अधिकारियों द्वारा छुट्टियों के दिनों में भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सभी एजैंसियों से नियमित संपर्क बनाए रखा जा रहा है।

जिला स्तरीय कमेटी कर रही निगरानी: डी.सी. डा. अग्रवाल 

डी.सी. डा. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि पूरे मामले की निगरानी के लिए ए.डी.सी. (जनरल) की अध्यक्षता में उच्च अधिकारियों की एक जिला स्तरीय कमेटी गठित की जा चुकी है जोकि इस पूरे घटनाक्रम पर निगरानी रख रही है। यह कमेटी पैट्रोल-डीजल व गैस की सप्लाई, वितरण व्यवस्था और एजैंसियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप हैल्पलाइन नंबर 9646-222-555 जारी किया गया है, ताकि गैस सिलैंडरों की सुचारू सप्लाई सुनिश्चित बनाने के साथ-साथ कालाबाजारी पर निगरानी रखी जा सके।

आवश्यक सेवा कानून लागू: नरिंदर सिंह

जिला खाद्य एवं सिविल सप्लाई कंट्रोलर (डी.एफ.एस.सी.) नरिंदर सिंह ने बताया कि आवश्यक सेवाएं प्रबंधन कानून लागू किया जा चुका है, ताकि जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने चेतावनी दी कि कालाबाजारी या गैर-कानूनी तरीके से पैट्रोल, डीजल या गैस का भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की अपील

* अफवाहों पर बिल्कुल विश्वास न करें
* जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल न भरवाएं
* स्टोर करने से बचें

कालाबाजारी पर सख्त चेतावनी

* गैर-कानूनी भंडारण पर लगेगा जुर्माना
* आवश्यक सेवाएं प्रबंधन कानून लागू
* पेट्रोल-डीजल केवल वाहनों में ही भरें
* कालाबाजारी करने वालों पर होगी कार्रवाई

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here 


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!