Edited By Urmila,Updated: 29 Mar, 2026 11:07 AM

खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध के चलते देशभर में गैस आपूर्ति पर असर पड़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव जालंधर के उद्योगों और व्यापार पर देखने को मिल रहा है।
जालंधर (धवन): खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध के चलते देशभर में गैस आपूर्ति पर असर पड़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव जालंधर के उद्योगों और व्यापार पर देखने को मिल रहा है। कमर्शियल गैस सिलैंडर के दाम अचानक आसमान छू गए हैं और अब यह सिलैंडर बाजार में करीब 4200 रुपए तक ब्लैक में बेचा जा रहा है। स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है, जिससे छोटे और मध्यम व्यवसायी खासे परेशान हैं।
फैक्ट्री मालिकों, रैस्टोरैंट संचालकों, मिठाई की दुकानों और होटल व्यवसायियों का कहना है कि उन्हें गैस सिलैंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहा। मजबूरी में उन्हें ब्लैक में ऊंचे दामों पर सिलैंडर खरीदना पड़ रहा है, जिससे उनके व्यवसाय की लागत काफी बढ़ गई है। व्यापारियों ने बताया कि जो सिलैंडर पहले लगभग 1500 रुपए में मिलता था, वही अब तीन गुना कीमत पर मिल रहा है।
व्यवसायियों का कहना है कि गैस की कमी के कारण उत्पादन और सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कई फैक्टरियों ने उत्पादन घटा दिया है, जबकि होटल और रैस्टोरैंट में भी कामकाज प्रभावित हो रहा है। इससे न केवल व्यापारियों को नुकसान हो रहा है बल्कि मजदूरों और कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है।
ब्लैक मार्कीटिंग पर की जाए सख्त कार्रवाई
स्थानीय लोगों और व्यापार संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस की आपूर्ति को सुचारू बनाया जाए और ब्लैक मार्कीटिंग पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे आम जनता और व्यापार दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
कमर्शियल गैस सिलैंडरों की पहले कभी भी कमी महसूस नहीं की गई थी। खाड़ी युद्ध के कारण ही ऐसे हालात पैदा हुए हैं और कारोबार करने वाले इस समय तनाव में कामकाज कर रहे हैं क्योंकि उन्हें सभी वस्तुएं ब्लैक में खरीदनी पड़ रही हैं जिस कारण उत्पादन लागत में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ौतरी हो चुकी है और मार्जिन काफी कम हो गए हैं।
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