Jalandhar में गैस संकट का असर: चाय से रोटी तक महंगी, फूड कारोबार पर मार

Edited By Kamini,Updated: 28 Mar, 2026 01:27 PM

the impact of the gas crisis in jalandhar

अमेरिका-इजराइल और इरान के बीच चल रहे तनाव का असर पंजाब भर में देखने को मिल रहा है।

जालंधर : अमेरिका-इजराइल और इरान के बीच चल रहे तनाव का असर पंजाब भर में देखने को मिल रहा है। शहर में इन दिनों घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की सप्लाई को लेकर उठ रही दिक्कतों ने फूड कारोबार की रफ्तार धीमी कर दी है। ढाबों, रेहड़ी वालों और रेस्तरां संचालकों को महंगे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं, जिसका असर अब खाने-पीने की कीमतों पर साफ दिख रहा है। आम लोगों को चाय, रोटी और अन्य खाद्य पदार्थ पहले से ज्यादा कीमत पर मिल रहे हैं। सीधी बात कहें तो चाय के कप से लेकर तवे की रोटी तक हर एक चीज के दाम बढ़ गए हैं। 

व्यापारियों का कहना है कि उन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही, इसलिए मजबूरी में डीजल भट्ठी या बिजली से चलने वाले चूल्हों व अन्य विकल्पों का उपयोग करना पड़ रहा है। इन विकल्पों का खर्च ज्यादा होने के कारण उन्हें रेट बढ़ाने पड़े हैं। हालांकि, संबंधित विभाग और एजेंसियां गैस की कमी से इनकार कर रही हैं, जिससे हालात को लेकर असमंजस बना हुआ है। खासकर छोटे दुकानदार और हलवाई इस स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और नवरात्रों के सीजन में भी उन्हें घाटा झेलना पड़ा।

स्थानीय विक्रेताओं के अनुसार, खाने की चीजों के दाम में तेज उछाल आया है। जो डिश पहले सस्ती मिलती थी, अब उसकी कीमत दोगुनी तक हो गई है। रोटी और चाय जैसे सामान्य आइटम भी महंगे हो गए हैं। पहले जहां डोसा 80 रुपए में मिलता वह अब 100 रुपए में और 10 वाली चाय 20 रुपए में हो गई है। वहीं मॉडल टाउन और रामा मंडी में स्थित कई रेस्तरां मालिकों का कहना है कि सिलेंडर मिलने के बाद भी वह ज्यादा दिनों तक नहीं चलता, जिससे बार-बार वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। उनका सिलेंडर 2-3 दिन तक चल पाता है। ऐसे में वैल्किपल सधान-डीजल की भट्टी या फिर इलेक्ट्रिक चूल्हों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। 

इसी बीच, पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली अफवाहों ने भी शहर में हलचल मचा दी। लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए, जिससे कुछ जगहों पर अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म हो गया। हालांकि, सप्लाई बहाल होने के बाद हालात सामान्य हो गए। पंप संचालकों का कहना है कि असली वजह कमी नहीं, बल्कि अचानक बढ़ी मांग और सप्लाई में थोड़ी देरी रही। दूसरी ओर, रेस्तरां संचालकों का कहना है कि ग्राहकों की संख्या में गिरावट आई है। लोग बाहर खाने से बच रहे हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर तंदूर के साथ अन्य साधनों का सहारा लेकर काम चलाया जा रहा है। वहीं हलवाई वर्ग को गैस की कमी के कारण ऑर्डर पूरे करने में दिक्कत आ रही है, जिससे उनका नुकसान बढ़ गया है। ट्रांसपोर्ट नगर और फोकल प्वाइंट के ढाबा मालिक रवि और मुकेश का कहना है कि, ये स्थिति उनके लिए चुनौती बन गई है। लोग अब खाने के लिए बाहर नहीं निकल रहे हैं। हलवाइयों का कहना है कि इस संकट की स्थित में उन्हें कई कार्यक्रम छोड़ने पड़े हैं।

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