Edited By Kalash,Updated: 30 Mar, 2026 12:06 PM

नगर निगम अमृतसर हाउस की बैठक सोमवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई।
अमृतसर (रमन शर्मा): नगर निगम अमृतसर हाउस की बैठक सोमवार को भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। करीब एक साल बाद बुलाई गई यह अहम बैठक महज कुछ मिनटों में ही खत्म हो गई, जिससे पार्षदों में भारी रोष देखने को मिला। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस और भाजपा पार्षदों ने मेयर के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। पार्षदों का आरोप था कि न तो बजट पर कोई चर्चा की गई और न ही शहर के अहम मुद्दों को उठाया गया। उन्होंने कहा कि यह बैठक केवल औपचारिकता बनकर रह गई, जबकि जनता के जरूरी काम लंबे समय से लंबित पड़े हैं।
इसी बीच सियासत उस समय और गरमा गई जब कांग्रेस नेता विकास सोनी ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप लगा दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट में पारदर्शिता की कमी है और खर्च व काम में बड़ा अंतर नजर आ रहा है, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ती है। विकास सोनी ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा संघर्ष किया जाएगा। हंगामे के चलते हाउस बैठक को बीच में ही स्थगित करना पड़ा, जिससे शहर के विकास कार्यों और प्रस्तावों पर फिर अनिश्चितता छा गई है।
बैठक में मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया के साथ कमिश्नर विक्रमजीत सिंह शेरगिल, विधायक और मंत्री मौजूद थे। मेयर ने हंगामा होते देख कहा कि सारे प्रस्ताव पास हो गए हैं और चले गए। इस दौरान रमन रम्मी, कीर्ति अरोड़ा,अमन ऐरी, संदीप रिंका, विकास गिल, दमन उप्पल,नवदीप हुंदल, मोनिका शर्मा आदि मौजूद थे।
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