अमृतसर से हवाई सफर होगा महंगा, व्यापार गतिविधियों पर संकट का संकेत

Edited By Kalash,Updated: 25 Mar, 2026 12:38 PM

air travel from amritsar set to become more expensive

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर दी है।

अमृतसर (सर्बजीत): पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर दी है। इस संभावित टकराव का सीधा असर सीमावर्ती शहर अमृतसर के आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक पहलुओं पर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि हालात और बिगड़ते हैं तो अमृतसर का अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। गुरु नगरी जो विश्व भर के सैलानियों के लिए खींच का केंद्र है, इसलिए ग्लोबल राजनीतिक की मार झेलने के लिए खड़ी है।

हवाई उड़ानों से यात्रियों की बढ़ी परेशानी 

ईरान के हवाई क्षेत्र के प्रभावित होने के कारण अमृतसर से यूरोप और खाड़ी देशों को जाने वाली हवाई उड़ानों के रूट बदले जा सकते हैं। जब भी मध्य-पूर्व में जंगी हालात बनते है तो उड़ानो को लंबे और बदलवें रास्तों से भेजा जाता है, जिससे हवाई रास्ता लंबा होने कारण सफाई का समय लगभग दोगुना हो सकता है। दूसरी तरफ तेल की कीमतों में होने वाली संभावी वृद्धि कारण हवाई सफर महंगा होग, जिससे यात्रियों को भारी वित्तीय मार पड़ेगी। इसके साथ खास कर वह लोग जो रोटी रोजी के लिए खाड़ी देशों में रहते है, उनके लिए टिकटरों के रेट बढ़ना बड़ी परेशानी का सबब बन सकता है। एयरलाइन द्वारा उड़ाने रद्द होने की सूरत में हजारा मुसाफिर अड्ढों पर फंस सकते है जिससे हफड़ा-तफड़ी जैसा माहौल बन सकता है।

वाघा बॉर्डर और व्यापार पक्ष 

इस संबंध में समाज सेवक व जलियांवाला बाग शहीद परिवार कमेटी के महासचिव नोनिश बहल ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय अस्थिरता कारण वाघा बॉर्डर के जरिए होने वाला सीमित व्यापार भी प्रभावित हो सकता है। भले ही भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार पहले से कम है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार में व्यापारक वस्तुओं की रुकावट आने से स्थानीय उद्योगों को कच्चे माल की कमी का सामना करना पड़ सकता है। खास तौर पर अफगानिस्तान और मध्य एशिया से आने वाले सूखे मेवे और अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। व्यापारियों के अनुसार अगर जंग लगती है तो सप्लाई चेन पूरी तरह टूटी जाएगी, जिससे अमृतसर के थोक बाजारों में मंदी आ सकती है।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव 

इस विषय पर गुरदीप सिंह बल्ल और अलका शर्मा ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्ट महंगा होगा, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की चीजों पर पड़ेगा। सब्जियां, फल और अनाज महंगे होने से आम परिवारों का बजट बिगड़ सकता है। इसके अलावा होटल व्यवसाय और कैमिस्ट उद्योग भी मंदी की चपेट में आ सकते हैं। जंग जैसे हालात बनने पर निवेश कम हो सकता है, जिससे नए रोजगार के अवसर भी सीमित हो जाएंगे। सामाजिक पक्ष से देखा जाए तो विदेशों में बसते पंजाबियों की सुरक्षा को लेकर जहां बैठे परिवारों में डर पैदा हो रहा है। बेरोजगार युवाओं के लिए विदेश जाने के रास्ते में मुश्किल हो सकते है, क्योंकि कई देशों ने वीजा प्रक्रिया सख्त करनी शुरू कर दी है। खास कर महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरहदी क्षेत्रों में चिंता की लहर है।

धार्मिक व पर्यटन पहलू 

डी.ए.वी. इंटरनंशनल स्कूल की एक टीचर रशमी बहल ने बताया कि इस माहौल का असर जहां घरेलू बजट पर पड़ेगा, वहीं रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हो सकती है। अमृतसर विश्वभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। युद्ध जैसे हालात बनने पर विदेशी पर्यटकों और एन.आर.आई. संगत की आमद घट सकती है, जिससे शहर की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है। श्री हरिमंदिर साहिब और अन्य ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अपनी यात्राएं रद्द कर सकते हैं। शहर की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा धार्मिक पर्यटन पर निर्भर है। यदि पर्यटकों की संख्या में कमी आती है तो रिक्शा चालकों से लेकर बड़े होटल कारोबारियों तक सभी प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतर-राष्ट्रीय परिस्थितियों से पैदा हुआ यह संकट अमृतसर जैसे संवेदनशील शहर के लिए चुनौतियां बढ़ा रहा है। सरकार को चाहिए कि वह व्यापारियों और आम जनता के हितों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए। यदि हालात सामान्य नहीं हुए तो आने वाले समय में आर्थिक मजबूती की बजाय मंदी का प्रभाव और अधिक बढ़ सकता है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here 


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!