Edited By Vatika,Updated: 30 Mar, 2026 03:33 PM

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पंजाब के उद्योगों को भी काफी प्रभावित किया है।
जालंधर: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पंजाब के उद्योगों को भी काफी प्रभावित किया है। युद्ध जैसी स्थिति के कारण कच्चे माल की सप्लाई में रुकावट और निर्यात में भारी गिरावट आने से फैक्ट्रियों में काम काफी कम हो गया है। इसके चलते फैक्ट्री मालिकों ने काम की शिफ्टें घटा दी हैं, जिसका सीधा असर मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है।
इस मंदी के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार से आए प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में अपने घर लौटने लगे हैं। इससे रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या भी काफी बढ़ गई है। जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन की बात करें तो यहां यात्रियों की संख्या, जो सामान्य दिनों में 17-18 हजार होती थी, अब बढ़कर करीब 25 हजार तक पहुंच गई है। मजदूरों का कहना है कि ओवरटाइम बंद होने और आय घटने के कारण उनके लिए शहर में गुजारा करना मुश्किल हो गया है।
जानकारी के अनुसार, हैंड टूल उद्योग के निर्यात में 50% की गिरावट आई है और खाड़ी देशों से नए ऑर्डर मिलना बंद हो गया है। इसी तरह स्टील, लोहे और कोयले की कीमतों में भारी उछाल आया है। एलपीजी सिलेंडरों की कमी और काम की कमी के चलते रेहड़ी-फड़ी वाले और छोटे ढाबा संचालक भी शहर छोड़ने को मजबूर हैं। उद्योगपतियों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो आने वाले समय में उद्योगों को श्रमिकों की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी समस्याएं और बढ़ जाएंगी।