Edited By Urmila,Updated: 13 Mar, 2026 02:40 PM

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण रूसी सेना में जबरन भर्ती हुए एक पंजाबी युवक की मौत हो गई है। मृतक की पहचान लुधियाना के रहने वाले 21 साल के समरजीत सिंह के रूप में हुई है।
लुधियाना : लुधियाना से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच एक पंजाबी युवक की जान चली गई। मृतक की पहचान लुधियाना निवासी 21 वर्षीय समरजीत सिंह के रूप में हुई है, जो अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बेहतर भविष्य की तलाश में वह जुलाई महीने में रूस गया था, लेकिन वहां हालात उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गए।
परिजनों के अनुसार, रूस पहुंचने के कुछ समय बाद समरजीत को कथित तौर पर धोखे से रूसी सेना में शामिल कर लिया गया। शुरुआत में उसे बताया गया कि वह आर्मी डॉक्टर के साथ ड्यूटी करेगा, इसलिए यूनिफॉर्म पहनना जरूरी है, लेकिन बाद में उसे एहसास हुआ कि उसे जबरन सेना में भर्ती कर लिया गया है।
परिवार से उसकी आखिरी बातचीत 8 सितंबर को एक छोटी-सी वीडियो कॉल के जरिए हुई थी। महज कुछ सेकंड की उस कॉल में समरजीत ने पिता से कहा था कि वह ठीक है और माता-पिता का ख्याल रखने को कहा। इसके बाद उससे संपर्क पूरी तरह टूट गया।
कुछ दिन पहले परिजनों को रूसी भाषा में एक पत्र और डेथ सर्टिफिकेट मिला, जिसमें समरजीत की मौत की पुष्टि की गई। दस्तावेजों के अनुसार, उसकी मौत दिसंबर महीने में हुई बताई गई है और उसकी पहचान सेना से जुड़े टोकन के आधार पर की गई।
समरजीत सिंह के मौसा अमरजीत सिंह ने रिपोर्टर्स को बताया कि उन्हें रशियन भाषा में एक लेटर मिला था, जिसमें समरजीत सिंह की मौत की जानकारी दी गई थी। इसके साथ ही डेथ सर्टिफिकेट भी भेजा गया था। उन्हें बताया गया कि बॉडी गुरुवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच जाएगी और गुरुवार को वे बॉडी लुधियाना ले आए। उन्होंने कहा कि डेथ सर्टिफिकेट में लिखा है कि समरजीत की मौत दिसंबर में हुई थी। समरजीत को जबरदस्ती आर्मी में भर्ती किया गया था। उनकी पहचान रूसी सेना के टोकन से हुई। वहीं समरजीत के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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