Edited By Kamini,Updated: 15 Jul, 2026 02:17 PM

जिला अमृतसर में कई वर्षों से निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी फीस बढ़ौतरी पर अब आखिरकार अंकुश लगने जा रहा है।
अमृतसर (दलजीत) : जिला अमृतसर में कई वर्षों से निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी फीस बढ़ौतरी पर अब आखिरकार अंकुश लगने जा रहा है। “द पंजाब रैगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (अमैंडमैंट) ऑर्डिनैंस, 2026” के लागू होने से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के सैंकड़ों निजी स्कूल अब सख्त नियमों के दायरे में आ जाएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी (एलीमैंट्री) कंवलजीत सिंह द्वारा सरकारी आदेशों को जमीनी स्तर पर लागू करवाने के लिए कमर कस ली गई है। जानकारी के अनुसार ऑर्डिनैंस के तहत अब कोई भी स्कूल बिना मंजूरी के फीस में बढ़ौतरी नहीं कर सकेगा और यह वार्षिक बढ़ौतरी अधिकतम 5 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगी। इससे अमृतसर के उन हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो हर साल बढ़ती फीस के कारण बेहद परेशान थे।
अमृतसर जिले में चल रहे हैं 700 निजी स्कूल
आंकड़ो के अनुसार अमृतसर जिले में करीब 700 निजी स्कूल चल रहे हैं। इनमें से लगभग 400 स्कूल पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबंधित हैं, जबकि करीब 300 स्कूल सी.बी.एस.ई., आई.सी.एस.ई. और अन्य बोर्डों से जुड़े हुए हैं। विशेष रूप से कई बड़े स्कूलों पर अत्यधिक फीस वसूलने के आरोप लगते रहे हैं जिसके कारण अभिभावकों द्वारा कई बार विरोध प्रदर्शन भी किए गए। नए नियमों के अनुसार अब स्कूलों को अपनी फीस संरचना और खर्चों का पूरा हिसाब देना होगा और किसी भी बढ़ौतरी से पहले संबंधित अधिकारियों से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। इससे मनमानी पर रोक लगेगी और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी।
जिला स्तर पर निगरानी प्रणाली होगी मजबूत
आर.टी.आई. एक्टिविस्ट राजिंदर शर्मा के अनुसार नए आदेशों के तहत जिला स्तर पर निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। फीस से संबंधित शिकायतों के लिए एक विशेष मैकेनिज्म तैयार किया जाएगा जिससे अभिभावकों को अपनी आवाज उठाने के लिए एक स्थायी मंच मिलेगा। इसके साथ ही आने वाले दिनों में स्कूलों की औचक चैकिंग के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे।
"नियम सख्ती से लागू हों, तभी मिलेगी असली राहत"
लंबे समय से अभिभावकों की आवाज बनकर निजी स्कूलों की मनमर्जी के खिलाफ संघर्ष कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता जय गोपाल लाली ने कहा कि वर्षों से स्कूलों द्वारा फीस के नाम पर अभिभावकों की लूट की जा रही थी। उन्होंने कई स्कूलों की शिकायतें भी अधिकारियों से की थीं लेकिन उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अगर ये नए नियम सख्ती से लागू होते हैं तो यह बड़ी राहत होगी। शिक्षा विभाग को इन आदेशों को जमीनी स्तर पर पूरी तरह लागू करवाना चाहिए।
अभिभावकों की शिकायतों का तुरंत निपटारा किया जाएगा
जिला शिक्षा अधिकारी (एलीमैंट्री) कंवलजीत सिंह ने कहा कि “अमृतसर में सरकारी आदेशों को सख्ती से लागू करवाया जाएगा। जिला स्तर पर टीमें गठित कर नियमित निरीक्षण किए जाएंगे और अभिभावकों की शिकायतों का तुरंत निपटारा किया जाएगा।”
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