खाने-पीने वाली चीजों पर अब नहीं मिलेगा कोई Discount ! रिटेलरों ने लिया अहम फैसला

Edited By Urmila,Updated: 19 Apr, 2026 12:43 PM

due to the impact of the war discounts on food and beverages have ended

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति का असर अब स्थानीय बाजारों में भी साफ दिखाई देने लगा है। शहर के कई खाद्य पदार्थों से जुड़े रिटेलर्स ने ग्राहकों को दी जा रही छूट (डिस्काऊंट) को बंद कर दिया है।

जालंधर (धवन): अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति का असर अब स्थानीय बाजारों में भी साफ दिखाई देने लगा है। शहर के कई खाद्य पदार्थों से जुड़े रिटेलर्स ने ग्राहकों को दी जा रही छूट (डिस्काऊंट) को बंद कर दिया है। रेस्टोरैंट, होटल और फूड इंडस्ट्री से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि बढ़ती लागत और अनिश्चितता के कारण उनके लिए पहले की तरह छूट देना संभव नहीं रह गया है।

व्यापारियों के अनुसार, कच्चे माल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, वहीं गैस सिलैंडर और अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इसके चलते उत्पादन लागत में भारी इजाफा हुआ है, जिसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ रहा है। रेस्टोरैंट और होटल संचालकों का कहना है कि पहले जहां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार के ऑफर और छूट दी जाती थी, अब वे खुद को आर्थिक रूप से संभालने के लिए इन सुविधाओं को बंद करने पर मजबूर हैं।

ग्राहकों ने भी इस बदलाव पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पहले जहां खाने-पीने की चीजों पर राहत मिलती थी, अब बढ़ती कीमतों के साथ-साथ छूट का समाप्त होना उनके बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। कई लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में आम लोगों के लिए बाहर खाना या फूड आइटम खरीदना और महंगा हो सकता है।

व्यापारिक संगठनों ने सरकार से इस स्थिति पर ध्यान देने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही हालात में सुधार नहीं हुआ, तो छोटे और मध्यम स्तर के रिटेलर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिससे रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। फिलहाल, बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और सभी की नजरें आने वाले दिनों की स्थिति पर टिकी हुई हैं।

खाद्य पदार्थों से जुड़े रिटेलरों ने बताया कि सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों के कारण समय पर सामान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्हें ब्लैक में व्यापारिक सिलैंडर खरीदने पड़ रहे हैं। ऐसी स्थिति में वह ग्राहकों को डिस्काऊंट देने की स्थिति में नहीं अन्यथा पहले वह ग्राहकों को 10 से 15 प्रतिशत डिस्काऊंट अवश्य दे देते थे। कई जरूरी खाद्य सामग्री जैसे दालें, तेल और पैकेज्ड फूड आइटम की नियमित आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे स्टॉक बनाए रखना कठिन हो गया है। इस स्थिति में रिटेलर्स को महंगे दामों पर सामान खरीदना पड़ रहा है, जिसका असर सीधे उनके मुनाफे पर पड़ रहा है।

होटल और रेस्टोरैंट संचालकों का कहना है कि ग्राहकों की संख्या में भी कमी देखने को मिल रही है। बढ़ती कीमतों और छूट खत्म होने के कारण लोग बाहर खाने से बच रहे हैं और घर पर ही भोजन करना पसंद कर रहे हैं। इससे फूड इंडस्ट्री की बिक्री पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है और कई छोटे व्यवसायों के सामने टिके रहने की चुनौती खड़ी हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतर्राष्ट्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो इसका असर और गहरा हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि महंगाई और बढ़ सकती है तथा उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति पर भी असर पड़ेगा। ऐसे में सरकार और संबंधित एजैंसियों को समय रहते कदम उठाने की जरूरत है, ताकि बाजार में संतुलन बनाए रखा जा सके और आम लोगों को राहत मिल सके।

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