Edited By Vatika,Updated: 21 Mar, 2026 11:37 AM

क्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिनी कुब्बाहेड़ी का शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम हो गया
चंडीगढ़: सैक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिनी कुब्बाहेड़ी का शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम हो गया। पी.जी.आई. में दोपहर बाद 3 बजे पोस्टमॉर्टम शुरू हुआ और करीब साढ़े 3 घंटे तक चला। फिलहाल शव मोर्चरी में ही रखा है। शनिवार को शव परिवार को सौंपा जाएगा, जिसके बाद पैतृक गांव कुब्बाहेड़ी (मोहाली) में अंतिम संस्कार किया जाएगा। फरार शूटरों को मुठभेड़ के दौरान कैथल से गिरफ्तार किया था, जिन्हें पी.जी. आई. रैफर कर दिया गया है। पी.जी. आई. में ऑप्रेशन के बाद इलाज चल रहा है। आरोपियों की पहचान फिरोजपुर के रहने वाले राजन उर्फ पीयूष पहलवान और नवांशहर निवासी प्रीतम शाह के रूप में हुई है।
मोहाली और चंडीगढ़ में रह कर 5 दिन तक की रेकी
सूत्रों के मुताविक चीनी कुब्बाहेड़ी की हत्या की साजिश बम्बीहा गैंग के गैंगस्टर गौरव पटियाल उर्फ लक्की पटियाल ने रची। लक्की पटियाल जिंग ऐप के माध्यम से शूटरों के संपर्क में था। उसके कहने पर शूटर राजन उर्फ पीयूष पहलवान 15 जनवरी को मलेशिया से नेपाल के रास्ते पंजाब पहुंचा। उसने हरियाणा, मोहाली और चंडीगढ़ में रहकर 5 दिन तक चमनप्रीत की रैकी की। उसे लक्की ने बताया था कि चीनी कुब्बाहेड़ी जिम आता है, जहां उसे आसानी से मारा जा सकता है। वारदात के दौरान हथियार धोखा ना दे, इसलिए विशेष रूप से सरहद पार से हथियार मंगवाए गए थे। यहीं नहीं बाइक सवार दोनों शूटर्स के लिए तीन पिस्टल मंगवाई थी, ताकि एक में दिक्कत आने पर बैंक-अप से वारदात को अंजमा दिया जा सके। हत्या को अंजाम देने के बाद कैथल में छिप गए थे जहां उनका एनकाउंटर हुआ।
चिन्नी के भाई दीपेंद्र सिंह ने बताया कि उनके भाई का लाइफस्टाइल अलग था, जिसके कारण सोशल मीडिया पर उसे काफी लोग फॉलो करते थे। हालांकि, कुछ लोग उसे बेरोजगार कहकर आलोचना भी करते थे। बाहर के लोग उसके सोशल मीडिया को देखकर उसे अमीर समझते थे, लेकिन असलियत तो हमें पता है कि घर की छत तक गिरने वाली है। दीपेंद्र ने कहा कि चिन्नी के सपने बहुत बड़े थे और वह परिवार का सहारा बनना चाहता था। उन्होंने कई बार उसे समझाया कि उसके दुश्मन भी हैं और मौजूदा माहौल ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें पैसे से ज्यादा उसकी सुरक्षा की चिंता थी और वह चाहते थे कि चिन्नी छोटा-मोटा काम कर ले, लेकिन सुरक्षित रहे। दीपेंद्र के मुताबिक, कुछ लोग उसकी तरक्की से जलते थे और उसे नीचे गिराना चाहते थे। गौरतलब है कि 18 मार्च को चिन्नी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि 19 मार्च को हरियाणा के कैथल में दोनों आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।