बीमा कंपनी को बड़ा झटका! उपभोक्ता कमीशन ने दिए सख्त आदेश

Edited By Urmila,Updated: 04 Mar, 2026 12:58 PM

big blow to insurance company

जालंधर में जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने बीमा कंपनियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे पॉलिसी की उलझी और अस्पष्ट शर्तों के सहारे उपभोक्ताओं के वैध दावों से पल्ला नहीं झाड़ सकतीं।

 जालंधर : जालंधर में जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने बीमा कंपनियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे पॉलिसी की उलझी और अस्पष्ट शर्तों के सहारे उपभोक्ताओं के वैध दावों से पल्ला नहीं झाड़ सकतीं। आयोग ने बजाज एलाइंज जनरल इंश्योरेंस की सेवा में कमी पाते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है।

आयोग के आदेशानुसार कंपनी को 10 लाख रुपये का बीमा क्लेम 6 प्रतिशत सालाना ब्याज सहित चुकाना होगा। इसके साथ ही मानसिक पीड़ा के लिए 20 हजार रुपये और मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 10 हजार रुपये अलग से अदा करने के निर्देश दिए गए हैं।

कैसे सामने आया मामला

हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी 63 वर्षीय महिला ने 12 जुलाई 2023 को आयोग का दरवाजा खटखटाया था। उनके दिवंगत पति ने 28 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया था, जिसके साथ ‘ग्लोबल पर्सनल गार्ड पॉलिसी’ जोड़ी गई थी। इस पॉलिसी में लोन सुरक्षा और मृत्यु कवर का प्रावधान था। 18 अप्रैल 2020 को पति का बीमारी (हेपेटाइटिस-बी और अंगों के फेल होने) के कारण निधन हो गया। पत्नी द्वारा क्लेम करने पर बीमा कंपनी ने यह कहते हुए भुगतान से इनकार कर दिया कि पॉलिसी केवल दुर्घटनाजन्य मृत्यु पर लागू होती है, बीमारी से हुई मौत पर नहीं।

आयोग की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि कंपनी यह साबित नहीं कर सकी कि पॉलिसी जारी करते समय उपभोक्ता को उन परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी दी गई थी, जिनमें क्लेम स्वीकार नहीं किया जाएगा। आयोग ने कहा कि यदि कवर सीमित है तो उसे साफ और प्रमुख रूप से बताना कंपनी की जिम्मेदारी है। बारीक अक्षरों में शर्तें छिपाकर उपभोक्ताओं को भ्रमित करना स्वीकार्य नहीं है।

अपने शहर की खबरें Whatsapp पर पढ़ने के लिए Click Here 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!