पंजाब में भी दिख रहा है 'युद्ध' का असर! बड़े नुकसान का खतरा

Edited By Kamini,Updated: 04 Mar, 2026 03:36 PM

the impact of the  war  is visible in punjab too

ईरान पर US-इजरायल के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में पैदा हुए युद्ध के हालात ने पंजाब की इकॉनमी को गहरे संकट में डाल दिया है।

पंजाब डेस्क: ईरान पर US-इजरायल के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में पैदा हुए युद्ध के हालात ने पंजाब की इकॉनमी को गहरे संकट में डाल दिया है। पंजाब से दुनिया के अलग-अलग देशों में सामान ले जाने वाले जहाज मिडिल ईस्ट से होकर गुजरते हैं, जिसकी वजह से अब सभी जगहों से एक्सपोर्ट रुक गया है और राज्य को हर महीने करीब 1400 करोड़ रुपये का ट्रेड लॉस झेलना पड़ेगा। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब से हर महीने 1500 कंटेनर के जरिए होने वाला एक्सपोर्ट पूरी तरह रुक गया है क्योंकि समुद्री रास्तों में बढ़ते खतरे की वजह से शिपिंग कंपनियां अब नई बुकिंग नहीं ले रही हैं। इसके अलावा, विदेशी खरीदार पुराने ऑर्डर या तो कैंसिल कर रहे हैं या उन्हें होल्ड पर डाल दिया गया है, जिससे ट्रेडर्स के पेमेंट को लेकर गंभीर विवाद हो गया है। ईरान को जो दुबई के रास्ते तमाम सामान जाते थे, वह ठप हो गए हैं। अब अफ्रीका व बाकी रास्तों से शिप सामान लेकर जाएंगे। 

इस संकट की सबसे बड़ी मार चावल इंडस्ट्री पर पड़ी है, जहां डायरेक्टोरेट ऑफ फॉरेन ट्रेड के पुराने अधिकारियों के मुताबिक, करीब 6,000 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं और हज़ारों करोड़ रुपये का स्टॉक ट्रांज़िट में फंसा हुआ है। सऊदी अरब, ईरान, इराक, UAE और यमन जैसे 5 बड़े खाड़ी देशों को भारत के 29,892 करोड़ रुपये के चावल एक्सपोर्ट में पंजाब का हिस्सा करीब 11,956 करोड़ रुपये है, जो अब पूरी तरह खतरे में है। इन देशों में से अकेले सऊदी अरब में पंजाब का हिस्सा 4,076 करोड़ रुपये और इराक में 2,880 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही जालंधर, लुधियाना और मंडी गोबिंदगढ़ जैसे इंडस्ट्रियल शहरों से मिडिल ईस्ट जाने वाला करीब 3,000 करोड़ रुपये का इंजीनियरिंग सामान भी प्रभावित हुआ है।

ट्रेड एक्सपर्ट्स और शिपिंग एजेंट्स का कहना है कि लंबे रूट से माल ढुलाई के रेट 3 गुना तक बढ़ सकते हैं और चीनी शिपिंग लाइनों ने पहले ही 'इमरजेंसी कॉन्फ्लिक्ट सरचार्ज' लगाकर फैक्ट्रियों के लिए कच्चे माल की कीमत बढ़ा दी है। अब खाड़ी देशों के बजाय जहाजों को अफ्रीका के रास्ते लंबा सफर करना होगा। चावल और इंजीनियरिंग सामान के अलावा, पंजाब के दूसरे बड़े सेक्टर जैसे स्पोर्ट्स का सामान (483.04 करोड़ रुपए), टेक्सटाइल (360.65 करोड़ रुपए), हल्दी पाउडर (280.14 करोड़ रुपए), मीठे बिस्कुट (186.46 करोड़ रुपए) और खेती की मशीनरी के पार्ट्स का एक्सपोर्ट भी इस जंग से प्रभावित हुआ है। पंजाब से सालाना कुल 16,694 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट होता है, जिसका एक बड़ा हिस्सा अभी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।

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