Edited By Subhash Kapoor,Updated: 02 Mar, 2026 08:14 PM

जिला पुलिस गुरदासपुर के गांव आदियां में गोली मार कर मारे गए दो पुलिस कर्मचारियों तथा उसके बाद इस मामले में एक आरोपी रणजीत सिंह निवासी आदिया की पुलिस एनकाऊंटर मामले में मारे जाने संबंधी अदालत का दरवाजा खटकाने पर अदालत ने एक सख्त आदेश जारी किया है।
गुरदासपुर (विनोद): जिला पुलिस गुरदासपुर के गांव आदियां में गोली मार कर मारे गए दो पुलिस कर्मचारियों तथा उसके बाद इस मामले में एक आरोपी रणजीत सिंह निवासी आदिया की पुलिस एनकाऊंटर मामले में मारे जाने संबंधी अदालत का दरवाजा खटकाने पर अदालत ने एक सख्त आदेश जारी किया है।
सूत्रों के अनुसार इस एनकाऊंटर में मारे गए रंजीत सिंह के परिवार की तरफ से खड़ी की गई लीगल टीम, जिसमें एडवोकेट अजय मरवाहा सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया, एडवोकेट रविदीप बडियाल सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया तथा जिला अदालत गुरदासपुर से एडवोकेट भजनप्रीत सिंह द्वारा डयूटी मैजिस्ट्रेट गुरदासपुर की अदालत में याचिका दायर की गई थी। जिसमें इस एनकाऊंटर को फर्जी एनकाऊंटर बता कर जांच करवाने सहित कुछ अन्य राहत देने की अदालत से अपील की गई थी। जिस पर माननीय अदालत द्वारा सभी पुलिस अधिकारियों जैसे कि एसएसपी गुरदासपुर, एसएचओ पुलिस स्टेशन दोरांगला, एसएचओ पुलिस स्टेशन पुराना शाला; सीआईए स्टाफ इंचार्ज इंचार्ज गुरमीत सिंह और इस मुठभेड़ में शामिल अन्य पुलिस कर्मचारियों को अपने-अपने मोबाईल फोन नंबरों का विवरण जांच अधिकारी और सेवा प्रदाता/टेलीकॉम कंपनी को देने के निर्देश दिए गए हैं।
संबंधित सेवा प्रदाता/टेलीकॉम कंपनी को 20 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक इन अधिकारियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह, इन अधिकारियों के जीपीएस लोकेशन भी सुरक्षित रखने के आदेश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज, यदि कोई हो, को सुरक्षित रखने और जांच का हिस्सा बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसी प्रकार पीडि़त व मृत्क रणजीत सिंह के मोबाईल की कॉल डिटेल और लोकेशन को भी सुरक्षित रखने के आदेश दिए गए हैं। अदालत में यह याचिका एनकाऊंटर में मारे गए रंजीत सिंह की माता सुखजिन्द्र कौर द्वारा दायर की गई है।