Edited By Subhash Kapoor,Updated: 01 Mar, 2026 04:57 PM

25 फरवरी को पंजाब पुलिस की चौकी पर हुए हमले में दो पुलिस कर्मियों की मौत के मामले से जुड़े गांव आदिया निवासी युवक रंजीत सिंह की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि रंजीत सिंह का फर्जी...
गुरदासपुर (हरमन, हरजिंद्र गोराया) : 25 फरवरी को पंजाब पुलिस की चौकी पर हुए हमले में दो पुलिस कर्मियों की मौत के मामले से जुड़े गांव आदिया निवासी युवक रंजीत सिंह की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि रंजीत सिंह का फर्जी मुठभेड़ में कत्ल किया गया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इसी संबंध में आज परिजनों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने अमृतसर–पठानकोट मार्ग पर स्थित गुरदासपुर के बबरी बाईपास चौक पर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इंसाफ की मांग की।
धरने के दौरान मृतक के ताया हरविंदर सिंह ने कहा कि परिवार की मांग है कि रंजीत सिंह के शव का पोस्टमार्टम किसी उच्च स्तरीय सरकारी चिकित्सा संस्थान के विशेषज्ञ चिकित्सकों के दल द्वारा कराया जाए और पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए, ताकि मौत के वास्तविक कारण सामने आ सकें। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा बताए जा रहे हमले के सबूत भी परिवार के सामने रखे जाएं।
परिवार और संगठनों के नेताओं ने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की जांच केंद्रीय जांच एजैंसी या किसी माननीय न्यायालय के कार्यरत न्यायाधीश की अध्यक्षता में कराई जाए। धरने में हरविंदर सिंह (मृतक के ताया), सुच्चा सिंह छोटेपुर, बलविंदर कौर (अमृतपाल सिंह की माता) और सुखपाल सिंह खैरा सहित कई नेता मौजूद रहे। नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
हरविंदर सिंह ने बताया कि फिलहाल धरना समाप्त कर दिया गया है और प्रशासन द्वारा परिवार तथा बनाई गई संघर्ष समिति के साथ बातचीत का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो अगली रणनीति जल्द घोषित की जाएगी।


