Edited By Vatika,Updated: 21 Jan, 2026 12:38 PM

शहर के विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में बरनाला ने एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है,
बरनाला(विवेक सिंधवानी, रवि) : शहर के विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में बरनाला ने एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय और सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स ने नगर सुधार ट्रस्ट बरनाला को आधिकारिक तौर पर 'इनकम टैक्स फ्री' ट्रस्ट घोषित कर दिया है। यह पंजाब का पहला ऐसा ट्रस्ट बन गया है जिसे इस प्रकार की बड़ी कर छूट प्राप्त हुई है। इस महत्वपूर्ण सफलता का श्रेय प्रसिद्ध टैक्स वकील और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लीगल एडवाइजर सीए डॉ. प्रदीप गोयल को जाता है। उनकी कानूनी सूझबूझ और लंबी पैरवी के कारण ही बरनाला को राष्ट्रीय स्तर पर यह पहचान मिली है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने प्रशस्त किया मार्ग
डॉ. प्रदीप गोयल ने अपने बरनाला स्थित कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि पंजाब में लगभग 30 नगर सुधार ट्रस्ट कार्यरत हैं, जो शहरों के नियोजन और विकास का कार्य करते हैं। इससे पहले ये ट्रस्ट केवल 'चैरिटेबल ट्रस्ट' के रूप में पंजीकृत थे, जिसके कारण इन्हें ऑडिट और इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के बेहद कड़े नियमों का पालन करना पड़ता था। डॉ. गोयल ने स्पष्ट किया कि अहमदाबाद अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी के एक मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। अदालत ने माना था कि चूंकि ये ट्रस्ट राज्य के विकास और जनसेवा के कार्यों में संलग्न हैं, इसलिए इन्हें टैक्स के दायरे से मुक्त रखा जाना चाहिए। इसी निर्णय के आधार पर भारत सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में नई धारा 10(46) को जोड़ा था।
दो साल की कड़ी कानूनी पैरवी
इस उपलब्धि के पीछे दो साल का लंबा संघर्ष और कानूनी प्रक्रिया शामिल है। डॉ. गोयल ने बताया कि उन्होंने 20 मार्च 2024 को बरनाला ट्रस्ट का केस फाइल किया था। इसके बाद लगातार दो वर्षों तक दिल्ली में प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर और चंडीगढ़ में कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स के पास प्रभावी ढंग से केस की पैरवी की गई। विभिन्न जांचों और दस्तावेजी कार्यवाही के बाद, 19 जनवरी 2026 को वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर बरनाला ट्रस्ट को वित्तीय वर्ष 2023-24 से टैक्स-फ्री बॉडी घोषित कर दिया।
ट्रस्ट को होने वाले बड़े लाभ
टैक्स-फ्री होने के बाद ट्रस्ट को अब कई जटिल प्रक्रियाओं से मुक्ति मिल जाएगी:
* अब चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत होने वाले कठिन ऑडिट की आवश्यकता नहीं होगी।
* हर साल भारी-भरकम इनकम टैक्स भरने की अनिवार्यता समाप्त हो गई है।
* धारा 12-ए के तहत बार-बार रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराने की सख्त प्रक्रिया से छुटकारा मिल गया है।
* धारा 10(46) के तहत अब ट्रस्ट को स्थाई छूट प्राप्त हो गई है।
सहयोगियों का आभार
डॉ. प्रदीप गोयल ने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए ट्रस्ट के चेयरमैन रामतीर्थ मन्ना, पूर्व ईओ रविंद्र कुमार, वर्तमान ईओ राजेश कुमार, अकाउंटेंट राजिंदर कौर और रिपन कुमार सहित समस्त स्टाफ का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उनकी पत्नी एडवोकेट दीपिका प्रदीप गोयल भी उपस्थित रहीं। बरनाला के लिए यह गौरव का विषय है कि डॉ. गोयल की मेहनत से शहर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमका है और अब ट्रस्ट का पैसा सीधे तौर पर शहर के विकास कार्यों में खर्च हो सकेगा।