Edited By Urmila,Updated: 04 Mar, 2026 04:10 PM

बरनाला में अपनी जायज मांगों को लेकर पंजाब सरकार और संबंधित विभाग की कथित अनदेखी से खफा 'फर्द केंद्र कम्प्यूटर ऑप्रेटर एसोसिएशन पंजाब' ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
बरनाला (विवेक सिंधवानी, रवि): बरनाला में अपनी जायज मांगों को लेकर पंजाब सरकार और संबंधित विभाग की कथित अनदेखी से खफा 'फर्द केंद्र कम्प्यूटर ऑप्रेटर एसोसिएशन पंजाब' ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। एसोसिएशन ने उच्चाधिकारियों को मांग पत्र सौंपते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि आगामी 5 मार्च से 7 मार्च 2026 तक प्रदेश के सभी फर्द केंद्रों में कामकाज पूरी तरह से बंद रखा जाएगा।
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि पंजाब के विभिन्न केंद्रों में लगभग 900 से अधिक डाटा एंट्री ऑपरेटर पिछले 15 से 18 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिन्हें निजी कंपनी सी.एम.एस. कम्प्यूटर्स लिमिटेड के माध्यम से राजस्व रिकॉर्ड को कम्प्यूटरीकृत करने के लिए भर्ती किया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि मूल कार्य के अलावा उनसे बीमा कार्ड, पी.एम. किसान योजना, कर्ज माफी, स्पैशल गिरदावरी और चुनाव ड्यूटी जैसे अन्य सरकारी कार्य भी लिए जा रहे हैं, लेकिन इन अतिरिक्त कार्यों के बदले उन्हें न तो कोई लिखित आदेश दिया जाता है और न ही कोई उचित मान-भत्ता मिलता है।
नेताओं ने निजी कंपनी और सरकार पर शोषण के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी केवल अपना वित्तीय लाभ देख रही है और वेतन वृद्धि मांगने पर कर्मचारियों को धमकियां दी जाती हैं। कई कर्मचारी अब अपनी उम्र सीमा भी पार कर चुके हैं, जिससे उनके परिवारों का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है।
कर्मचारियों ने बताया कि वे इस संबंध में वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव सहित कई उच्चाधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं। अब संगठन ने मांग की है कि श्रम कानून के अनुसार उन्हें उचित वेतन दिया जाए और उनकी सेवाओं को सीधे पंजाब सरकार के राजस्व विभाग के अधीन लाया जाए।
साथ ही उन्होंने ड्यूटी के दौरान किसी दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा की भी मांग की है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि 7 मार्च तक उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो संघर्ष को और अधिक उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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