नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच पर गिर सकती है गाज, जानें क्या है मामला

Edited By Urmila,Updated: 03 Jul, 2022 03:27 PM

the building branch of the municipal corporation may fall

सरकार द्वारा 2018 से पहले काटी गई अवैध कॉलोनियों में प्लाटों की बनाई जा रही रजिस्ट्रियों पर रोक लगा दी गई थी परंतु फिर भी नगर निगम के अधिकारियों और कॉलोनाइजरों की मिलीभगत के...

जालंधरः सरकार द्वारा 2018 से पहले काटी गई अवैध कॉलोनियों में प्लाटों की बनाई जा रही रजिस्ट्रियों पर रोक लगा दी गई थी परंतु फिर भी नगर निगम के अधिकारियों और कॉलोनाइजरों की मिलीभगत के चलते जाली रजिस्ट्रियों बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इनके द्वारा जाली रजिस्ट्री करके उनकी एन.ओ.सी. तैयार करवाई जा रही है। ऐसा ही एक फर्जी रजिस्ट्री पर एन.ओ.सी. बनाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि गांव सुभाना जो नगर निगम के अंतर्गत आता है, की 3 मरले प्लाट की रजिस्ट्री एक ही स्टांप पेपर पर 2 बार कर दी गई है। 

बता दें कि स्टांप नंबर डी 600402 पर सितंबर 2017 में पहले यह रजिस्ट्री की गई थी और अब यह रजिस्ट्री 2020 में की गई है और इस रजिस्ट्री का स्टांप नंबर भी डी 600402 ही है। जालंधर नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच में रजिस्ट्री को लेकर जो फ्रॉड हुआ है उसे लेकर मेयर जगदीश राजा ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस फ्रॉड मामले में कोई गलती नजर आती है तो नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच पर गाज गिरने की संभावना है। जिक्रयोग्य है कि मंजीत सिंह ने एन.ओ.सी. बनाने के लिए रजिस्ट्री की कॉपी लगाई तो वह रजिस्ट्री 2017 की निकली जो मनजीत सिंह के नाम पर थी। उधर जब मनजीत सिंह द्वारा नक्शा पास करवाने के लिए जब फाइल जमा करवाई गई तो वह रजिस्ट्री सितंबर 2020 में करवाई हुई पाई गई थी जिसके चलते मामला असमंजस में पड़ गया। 

दूसरी ओर इस फ्रॉड मामले की जिम्मेदारी मेयर जगदीश राजा ने ज्वाइंट कमिश्नर गुरविंदर कौर रंधावा को दी है। इस दौरान जालंधर नार्थ विधानसभा हलका इंचार्ज दिनेश ढल्ल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इस बारे में ज्वाइंट कमिश्नर व डी.सी. से बात की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि 2018 के बाद अब तक जितनी भी अवैध कॉलोनियों के प्लाटों की एन.ओ.सी. बनाई गई है उन सभी की गंभीरता से जांच की जाएगी। इस धांधली में जो भी अधिकारी भ्रष्ट पाया गया उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि मान सरकार द्वारा धांधली व भ्रष्टाचार को लेकर सख्त है। उनका कहना है कि अवैध कॉलोनियों में फर्जी रजिस्ट्रियों को लेकर जो दावपेंच खेले जा रहे हैं उसमें अगर नगर निगम का कोई भी अधिकारी या कॉलोनाइजर संलिप्त पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। 
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