मेडिकल-माफिया की गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस की ई.एम.सी. अस्पताल में रेड

Edited By Sunita sarangal,Updated: 28 Jun, 2020 12:47 PM

raid in emc hospital

विजिलैंस विभाग द्वारा तुली डायग्नोस्टिक लैब और ई.एम.सी. अस्पताल पर हत्या का प्रयास और धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज करने के बाद भूमिगत हुए आरोपी.........

अमृतसर(इन्द्रजीत): विजिलैंस विभाग द्वारा तुली डायग्नोस्टिक लैब और ई.एम.सी. अस्पताल पर हत्या का प्रयास और धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज करने के बाद भूमिगत हुए आरोपी डाक्टरों को पकडऩे के प्रयास आज शनिवार सुबह से ही शुरू कर दिए थे, जिसमें सबसे पहले विजीलैंस विभाग को इनकी टोह लेने के लिए खुफिया तौर पर अपने लोगों का जाल बिछाना पड़ा। कल दोपहर विजीलैंस विभाग ने पूरे दलबल के साथ ई.एम.सी अस्पताल में अचानक छापा मारा, लेकिन इस छापामारी में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। विजीलैंस की टीम के आने की सूचना मिलते ही इलाके के बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर आ गए।

जानकारी के मुताबिक विजीलैंस विभाग को सूचना मिली कि ई.एम.सी अस्पताल में कथित आरोपियों के मिलने की संभावना है। इस पर विजीलैंस विभाग में 20 लोगों की टीम तैयार की, जिसका नेतृत्व डी.एस.पी हरप्रीत सिंह कर रहे थे द्वारा बाद दोपहर 3.30 बजे ई.एम.सी अस्पताल पर छापामारी कर दी, लेकिन इसके बावजूद विजीलैंस विभाग को वहां कोई आरोपी नहीं मिल पाया। अनुमान लगाया जा रहा है कि आरोपी पुलिस के आने से पहले ही वहां से निकल चुके थे। हालांकि इसमें यह भी कयास लगाया जा रहा है कि यह लोग शायद पहले से ही कहीं और छुपे हुए थे क्योंकि इनको पता था कि यहां पर विजीलैंस की टीम कभी भी आ सकती है।

विजीलैंस की टीम ने अस्पताल का चप्पा-चप्पा छान मारा। लगभग पौना घंटा अस्पताल की छानबीन करने पर जब पुलिस को कोई आरोपी भी नहीं मिला तो पुलिस ने इसके उपरांत इनके संभावित कई अन्य ठिकानों पर दस्तक दी, लेकिन वहां पर भी कोई नहीं मिल पाया।

जिक्रयोग्य है कि विजीलैंस विभाग इस अस्पताल का रिकॉर्ड पहले ही सील कर चुका है, जबकि इसके बाद बुधवार को उक्त अस्पताल के डायरैक्टर के अतिरिक्त पांच अन्य डॉक्टरों के विरुद्ध मामला दर्ज किया था, जिनकी गिरफ्तारी के लिए आज छापामारी की गई।

छापामार टीम को निर्जन मिला ई.एम.सी. अस्पताल
ई.एम.सी. अस्पताल में जहां पर पहले दाखिल मरीजों और डॉक्टरों की काफी भीड़ होती थी, वहीं अस्पताल में कोई दिखाई नहीं दिया। यहां तक कि सभी कमरे खाली थे और मरीज भी अस्पताल को छोड़ गए हैं और स्टाफ का भी कोई जिम्मेदार आदमी वहां दिखाई नहीं दिया। मात्र छुटपुट कर्मचारी व सफाई सेवक लोग वहां खड़े थे। अपवाद के तौर कुछ कोविड-19 पॉजिटिव मरीज वहां दाखिल थे, क्योंकि उनकी मजबूरी थी कि उन्होंने पैकेज दिया हुआ था व उनके पास कोई दूसरा चारा नहीं था इसलिए यह लोग वहां पर अपना इलाज करवा रहे थे।

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